मूसलाधार बारिश ने खोली जमालपुर रेल कारखाने की पोल, ऐतिहासिक वर्कशॉप में घुसा पानी, आधा दर्जन शॉप जलमग्न, ठप हुआ इंजन निर्माण का काम
Bihar News: जमालपुर रेल कारखाना सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि भारतीय रेल की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। यहां होने वाले तकनीकी कार्यों का सीधा संबंध रेलवे की कार्यक्षमता से जुड़ा है। ऐसे में बारिश के बाद कामकाज ठप होना चिंता का विषय माना जा रहा है।...
Bihar News: मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जमालपुर के ऐतिहासिक रेल इंजन कारखाने की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रातभर हुई तेज बारिश के बाद देश के पुराने और प्रतिष्ठित रेल कारखानों में शामिल जमालपुर वर्कशॉप के कई हिस्से पानी-पानी हो गए। हालात ऐसे बने कि जहां रोज लोहे, मशीन और तकनीक की गूंज सुनाई देती थी, वहां सोमवार सुबह पानी का कब्जा नजर आया। कई शॉप में घुटने तक पानी भर जाने से उत्पादन गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो गईं।बारिश के इस कहर ने कारखाने की जल निकासी व्यवस्था की कलई खोल दी। कर्मचारियों के मुताबिक, निचले इलाकों में स्थित कई शॉप में पानी इतनी तेजी से जमा हुआ कि सुबह ड्यूटी पर पहुंचे रेलकर्मी भी हैरान रह गए। काम करने की जगह पर मशीनों के बीच पानी का जमावड़ा दिखाई दिया। सुरक्षा कारणों से बिजली आधारित कई कार्यों को तत्काल रोक दिया गया।
जमालपुर रेल कारखाने में वेल्डिंग का काम बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन पानी भरने के कारण बिजली से चलने वाले उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई। अधिकारियों के निर्देश के बाद कर्मचारी सुरक्षा को देखते हुए काम शुरू नहीं कर सके।रेल कर्मियों का कहना है कि पानी और बिजली का मेल किसी बड़े हादसे को दावत दे सकता था, इसलिए एहतियात के तौर पर वेल्डिंग समेत कई तकनीकी कार्य रोक दिए गए। इससे उत्पादन प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ा और कई शॉप में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर कारखाने के निचले हिस्सों में देखने को मिला।डब्ल्यूआरएस-1, डब्ल्यूआरएस-2, डब्ल्यूआरएस-3, डब्ल्यूआरएस-4, मिल राइट शॉप, कैशन बोगी शॉप और व्हील शॉप समेत कई महत्वपूर्ण इकाइयों में पानी भर गया।इन शॉप में रेल इंजन और बोगियों से जुड़े अहम कार्य किए जाते हैं। लेकिन बारिश के बाद बने जलजमाव ने काम की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। मशीनें खामोश हो गईं और कर्मचारी पानी निकलने का इंतजार करते नजर आए।
कारखाने के कर्मचारियों का कहना है कि जलजमाव की समस्या नई नहीं है। उनका आरोप है कि बरसात के दिनों में यहां जल निकासी की समस्या बार-बार सामने आती है। कई जगहों पर हल्की बारिश में भी पानी टपकने लगता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।रेल कर्मियों ने कहा कि इस बार पूरी रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण हालात और बिगड़ गए। कई जगहों पर एक से डेढ़ फीट तक पानी जमा हो गया। अगर समय रहते जल निकासी की बेहतर व्यवस्था होती तो उत्पादन प्रभावित नहीं होता।
जमालपुर रेल कारखाना सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि भारतीय रेल की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। यहां होने वाले तकनीकी कार्यों का सीधा संबंध रेलवे की कार्यक्षमता से जुड़ा है। ऐसे में बारिश के बाद कामकाज ठप होना चिंता का विषय माना जा रहा है।फिलहाल प्रभावित शॉप से पानी निकालने का काम जारी है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इतने पुराने और महत्वपूर्ण रेल कारखाने में मानसून से निपटने की तैयारी कितनी मजबूत है।बारिश थम गई है, लेकिन जमालपुर कारखाने में व्यवस्था की खामियों का पानी अभी भी सवाल बनकर खड़ा है।
रिपोर्ट-मो. इम्तियाज खान