Bihar News : मुंगेर सदर अस्पताल में मरीज की मौत पर भारी हंगामा, दूसरे दिन भी इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं ठप, पुलिस बल तैनात

Bihar News : मुंगेर के मॉडल सदर अस्पताल में मरीज की मौत के बाद शुरू हुआ हंगामा अब अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी पड़ रहा है। आज अस्पताल की इमरजेंसी सेवा के साथ OPD सेवा भी बंद रही....पढ़िए आगे

अस्पताल में हंगामा - फोटो : IMTIYAZ

MUNGER : मुंगेर के मॉडल सदर अस्पताल में मरीज की मौत के बाद भड़का हंगामा अब पूरे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी पड़ रहा है। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों द्वारा किए गए उग्र विरोध-प्रदर्शन के कारण अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद हो गईं। दूर-दराज से इलाज की उम्मीद लेकर पहुँचे मरीज और उनके तीमारदार दिनभर दर-दर भटकने को मजबूर रहे, वहीं परिसर में व्याप्त तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

घटना के संबंध में बताया जाता है कि मंगलवार देर रात 30 वर्षीय नीरज कुमार को इलाज के लिए सदर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद भड़के परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर घोर लापरवाही का सीधा आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि सही समय पर समुचित इलाज न मिलने के कारण मरीज की स्थिति बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी जान चली गई।

हंगामे और तीखी बहस के कारण देखते ही देखते पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। स्थिति बिगड़ती देख ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौके से चले गए, जिससे मंगलवार रात करीब 11 बजे से ही इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने कोतवाली, पूरबसराय, कासिम बाजार और वासुदेवपुर थानों की पुलिस सहित 100 से अधिक जवानों को अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए तैनात कर दिया।

घटना के दूसरे दिन भी अस्पताल के हालात सामान्य नहीं हो सके। मुख्य सेवाएं बंद रहने के कारण ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इलाज न मिलने से हताश कई मरीज और उनके परिजन घंटों अस्पताल परिसर में सेवाएं बहाल होने का इंतजार करते नजर आए। वहीं मृतक के परिजनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषी डॉक्टरों व कर्मचारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि स्वजनों की तरफ से लिखित शिकायत मिलते ही मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट में जो भी डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इम्तियाज़ की रिपोर्ट