50 हजार से अधिक बैंक निकासी पर मिलेगी 'होम डिलीवरी' सुरक्षा, एसपी ने दिया भरोसा, बैंकों को दी चेतावनी
बैंक से 50 हजार रुपये से अधिक की नकद निकासी करता है, तो बैंक प्रबंधन इसकी सूचना अनिवार्य रूप से स्थानीय पुलिस को देगा। ऐसी स्थिति में पुलिस संबंधित उपभोक्ता को अपनी सुरक्षा में उनके घर तक सुरक्षित पहुँचाने की व्यवस्था करेगी।
Munger -मुंगेर के पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर जमालपुर पुलिस ने बैंक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सुरक्षा अभियान चलाया है। इस पहल के तहत बैंकिंग धोखाधड़ी और छिनतई को रोकने के लिए कई कड़े नियम लागू किए गए हैं।
50 हजार से अधिक की निकासी पर 'पुलिस कवच'
जमालपुर पुलिस ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। थानाध्यक्ष पंकज कुमार पासवान ने निर्देश दिया है कि यदि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह महिला हो या वरिष्ठ नागरिक, बैंक से 50 हजार रुपये से अधिक की नकद निकासी करता है, तो बैंक प्रबंधन इसकी सूचना अनिवार्य रूप से स्थानीय पुलिस को देगा। ऐसी स्थिति में पुलिस संबंधित उपभोक्ता को अपनी सुरक्षा में उनके घर तक सुरक्षित पहुँचाने की व्यवस्था करेगी।
आधार कार्ड के बिना बैंक में प्रवेश वर्जित
बैंक परिसरों में अपराधियों और संदिग्धों की एंट्री रोकने के लिए अब प्रवेश के नियमों को बेहद सख्त कर दिया गया है। सुरक्षा गार्डों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना आधार कार्ड के किसी भी व्यक्ति को बैंक शाखा के अंदर प्रवेश न करने दिया जाए। विशेष बात यह है कि प्रवेश के लिए दिखाया गया आधार कार्ड मुंगेर जिले का ही होना चाहिए, अन्यथा इसकी जानकारी तत्काल पुलिस या बैंक प्रबंधन को देनी होगी।
प्रमुख बैंकों का औचक निरीक्षण और खामियां
अभियान के दौरान थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस बल ने बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई, एचडीएफसी और यूको बैंक समेत जमालपुर के सभी प्रमुख बैंकों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता और गार्डों की तैनाती की जांच की गई। निरीक्षण में इंडियन बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां पाई गईं, जिस पर पुलिस ने कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रबंधन को भविष्य के लिए सख्त हिदायत दी।
संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर
थानाध्यक्ष ने बैंक कर्मियों को सतर्क रहने का सुझाव दिया है और कहा है कि यदि कोई व्यक्ति बड़ी राशि निकालने आता है, तो यह भी देखा जाए कि उसके साथ कोई संदिग्ध सहयोगी तो मौजूद नहीं है। साथ ही, उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे बैंक परिसर या उसके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अज्ञात व्यक्ति को देखते ही तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
अपराध मुक्त बैंकिंग व्यवस्था का लक्ष्य
पुलिस प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य आम नागरिकों के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करना है, ताकि वे बिना किसी भय के अपने वित्तीय लेन-देन कर सकें। पुलिस का मानना है कि इस तरह के नियमित सुरक्षा अभियानों और चेकिंग से छिनतई, टप्पेबाजी और ठगी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा। थानाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस टीम अब बैंकों के आसपास गश्त और भी तेज करेगी।
जनप्रतिनिधियों और कर्मियों को सुरक्षा की सीख
इस अभियान के तहत केवल जांच ही नहीं, बल्कि जागरूकता पर भी जोर दिया गया। दरोगा कंचन कुमारी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने बैंक कर्मियों को अधिक संवेदनशील होकर कार्य करने की सीख दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले बैंक प्रबंधन के विरुद्ध प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं।