Bihar News : मुंगेर में एलआईसी एजेंट ने सैकड़ों लोगों से की करोड़ों की ठगी, घर लौटने पर भीड़ ने घेरा
MUNGER : मुंगेर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक एलआईसी एजेंट ने सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी कर ली। जब लोगों ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी एजेंट फरार हो गया। लेकिन जैसे ही उसके घर लौटने की खबर फैली, लोगों ने उसके घर को घेर लिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद पुलिस आरोपी को थाना ले गई, जहां उसने बॉन्ड भरकर सभी का पैसा लौटाने का आश्वासन दिया।
पूरा मामला मुंगेर जिले के वासुदेवपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत माधोपुर मोहल्ला का है। यहां का निवासी मगन कुमार एलआईसी एजेंट और म्यूचुअल फंड के नाम पर काम करता था। उसने आसपास के सैकड़ों लोगों का बीमा कराया और साथ ही एक निजी, अघोषित बैंक की तरह पैसे जमा करना शुरू कर दिया। मगन लोगों को हर महीने दो प्रतिशत ब्याज देने का लालच देता था। किसी ने दो लाख, किसी ने पांच लाख तो किसी ने बीस लाख रुपये तक उसके पास जमा कर दिए। बदले में वह स्टांप पेपर पर लिखित और चेक देकर लोगों का भरोसा जीतता गया, जिससे और लोग भी उसके झांसे में आ गए। लेकिन जब लोगों को पैसों की जरूरत पड़ी और उन्होंने रकम वापस मांगनी शुरू की, तो मगन टालमटोल करने लगा।
करीब दो साल से वह लोगों को बहलाकर पैसे नहीं लौटा रहा था। तीन महीने पहले मामला थाने तक भी पहुंचा, जहां उसने लिखित में पैसा लौटाने की बात कही, लेकिन इसके बाद वह मुंगेर छोड़कर फरार हो गया। इधर जब बीमा कराने वाले लोग एलआईसी कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि कई पॉलिसियों का प्रीमियम भरा ही नहीं गया था, जबकि प्रीमियम के नाम पर पैसा वसूला गया था। इससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। जैसे ही लोगों को जानकारी मिली कि मगन अपने घर लौटा है। बड़ी संख्या में लोग उसके घर पहुंच गए और अपने पैसे की मांग करने लगे। स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मगन लोगों से और समय मांगता रहा, लेकिन आक्रोशित भीड़ मानने को तैयार नहीं थी।
मगन का कहना है कि उसने लोगों का पैसा जमीन में निवेश किया था और ऊंचे ब्याज पर उधार दिया था, लेकिन जमीन का सौदा फेल हो गया और कर्जदारों ने भी पैसे नहीं लौटाए। इसी कारण वह करीब दो करोड़ रुपये का देनदार हो गया है। वहीं मामले की सूचना मिलते ही वासुदेवपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मगन को भीड़ से निकालकर थाना ले गई। हालांकि, पीड़ितों ने लिखित शिकायत नहीं दी और आपसी समझौते के तहत मगन को समय देकर पैसा लौटाने पर सहमति बनी, जिसके बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
इम्तियाज़ की रिपोर्ट