Bihar Police:थानाध्यक्ष के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी, आदेश की अवहेलना पर अदालत का सख्त रुख, पुलिस महकमे में हड़कंप

Bihar Police: आदेश की अवहेलना पर अदालत ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मुफस्सिल थाना के थानाध्यक्ष के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है।...

थानाध्यक्ष के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी- फोटो : reporter

Bihar Police: आदेश की अवहेलना पर अदालत ने कड़ा रुख अश्तियार करते हुए मुफस्सिल थाना के थानाध्यक्ष के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है। मुंगेर से न्यायिक व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 की अदालत ने मुफस्सिल थाना के थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है। अदालत की इस कड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। मामला न्यायालय के आदेशों की लगातार अनदेखी और आवश्यक रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत नहीं करने से जुड़ा बताया जा रहा है।

मुंगेर न्यायालय के अधिवक्ता ओम प्रकाश पोद्दार के अनुसार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 संतोष कुमार-2 की अदालत ने 1 जून को यह आदेश जारी किया। अदालत ने पुलिस अधीक्षक को भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। न्यायालय का मानना है कि बार-बार निर्देश और चेतावनी के बावजूद आदेशों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण यह सख्त कदम उठाना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक मामला मुफस्सिल थाना कांड संख्या 157/2010 और सेशन वाद संख्या 92/2011 से जुड़ा हुआ है। इस मामले में अदालत ने 9 अप्रैल को मुख्य अभियुक्त मो. सत्तार के मृत्यु प्रतिवेदन की मांग की थी। निर्धारित समय तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर 8 मई को संबंधित अधिकारी के खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था।

इसके बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 13 मई को अदालत ने जमानती वारंट जारी किया। वहीं 20 मई को न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक और मुफस्सिल थानाध्यक्ष को आदेश की प्रति भेजते हुए स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अदालत अपने आदेशों की अवहेलना पर मूकदर्शक नहीं बनी रहेगी। इसके बावजूद आवश्यक दस्तावेज और रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए गए।

अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2010 में तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रवेंद्र भारती ने गुप्त सूचना के आधार पर बाकरपुर गांव में मो. सत्तार के घर छापेमारी की थी। इस दौरान 49 बोरा अमोनियम नाइट्रेट, 100 डेटोनेटर, 2750 मीटर फ्यूज वायर और 2725 जिलेटिन स्टिक बरामद किए गए थे। मामले में तीन लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, जिनमें मो. सत्तार मुख्य अभियुक्त था। बाद में उसकी मृत्यु हो गई थी, जिसके संबंध में अदालत मृत्यु प्रतिवेदन मांग रही थी। अधिवक्ता ओम प्रकाश पोद्दार ने बताया कि न्यायालय के आदेशों की लगातार अनदेखी और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने गैरजमानती वारंट जारी किया है। इस कार्रवाई को न्यायिक आदेशों की सर्वोच्चता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन और न्यायिक हलकों की नजर बनी हुई है।

रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान