Bihar News : मुंगेर में SBI मैनेजर के लापता होने का सस्पेंस खत्म, पुलिस ने सकुशल किया बरामद, पारिवारिक कलह में मुंगेर से काठमांडू तक का किया सफर

MUNGER : जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र से बीते 20 जनवरी को रहस्यमय ढंग से लापता हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सहायक प्रबंधक नवल किशोर मंगलवार की सुबह सुरक्षित वापस लौट आए हैं। उनके मुंगेर पहुंचने की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए उन्हें किला परिसर स्थित कोर्ट के पास से बरामद किया। पुलिस उन्हें तत्काल कोतवाली थाना ले गई, जहाँ उनसे लंबी पूछताछ की गई ताकि उनके अचानक गायब होने के पीछे की गुत्थी सुलझाई जा सके।

पारिवारिक तनाव में छोड़ा था

घर पुलिस पूछताछ में सहायक प्रबंधक नवल किशोर ने बताया कि वह किसी अपहरण का शिकार नहीं हुए थे, बल्कि पारिवारिक परेशानियों के कारण अत्यधिक मानसिक तनाव में थे। 20 जनवरी की शाम करीब चार बजे वे लोन रिकवरी के बहाने अपनी बुलेट बाइक लेकर घर से निकले थे। इसी दौरान उपजे तनाव के चलते उन्होंने बिना किसी को सूचना दिए खगड़िया जाने का फैसला किया। उन्होंने अपनी बाइक खगड़िया रेलवे स्टेशन पर पार्क की और वहां से ट्रेन पकड़कर सहरसा चले गए।

सिलीगुड़ी से काठमांडू तक का सफर

नवल किशोर की फरारी का रास्ता काफी लंबा रहा। सहरसा से वे भागलपुर पहुंचे और वहां से बस द्वारा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी चले गए। सिलीगुड़ी के एक होटल में दो दिन बिताने के बाद, 23 जनवरी को वे बस के जरिए नेपाल बॉर्डर पहुंचे और वहां से काठमांडू चले गए। काठमांडू में कुछ दिन बिताने के बाद जब उनका मन शांत हुआ, तो उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया और मंगलवार सुबह साहेबपुरकमाल स्टेशन पहुंचे।

पिता और ग्रामीणों की मदद से पुलिस तक पहुंचे

साहेबपुरकमाल से ऑटो द्वारा मुंगेर बस स्टैंड पहुंचने पर उनकी मुलाकात उनके गांव के एक परिचित व्यक्ति से हुई। उनके साथ वे किला परिसर स्थित कोर्ट पहुंचे, जहां इत्तेफाक से उनकी मुलाकात अपने पिता से हो गई। पिता ने बिना देरी किए कोतवाली पुलिस को बेटे के मिलने की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उन्हें अपनी कस्टडी में लिया। मुंगेर सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने पुष्टि की है कि सहायक प्रबंधक पूरी तरह सुरक्षित हैं और प्रारंभिक जांच में किसी भी आपराधिक घटना या अपहरण का मामला सामने नहीं आया है।

कानूनी प्रक्रिया के बाद परिजनों को सौंपा गया

पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है क्योंकि इस मामले को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त थीं। नवल किशोर ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मर्जी से गए थे और इसमें किसी अन्य व्यक्ति का हाथ नहीं है। फिलहाल पुलिस ने उनके बयान दर्ज कर लिए हैं और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिवार के सुपुर्द किया जा रहा है। अधिकारियों ने अपील की है कि मानसिक तनाव की स्थिति में लोग ऐसा कदम न उठाएं और संवाद का सहारा लें।

इम्तियाज़ की रिपोर्ट