Bihar News: रात 12 बजे CCTV में अकेला दिखा युवक , फिर कहां गया? 22 दिन बाद भी सुराग नहीं, SIT ने संभाली जांच

Bihar News: रात करीब 12 बजे आशिफ सड़क पर अकेला दिखाई दिया। वहीं, उसके दोनों दोस्तों के करीब नौ बजे घर पहुंचने की पुष्टि से जुड़े तकनीकी साक्ष्य भी पुलिस को मिले हैं।...

22 दिन से बेटे की राह देख रही मां- फोटो : reporter

Munger: 30 वर्षीय मो. आशिफ हुसैन की गुमशुदगी का मामला अब एसआईटी जांच तक पहुंच गया है। 30 अगस्त को दो दोस्तों के साथ हवेली खड़गपुर झील घूमने निकला आशिफ रात में घर नहीं लौटा। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसके दोनों दोस्त रात करीब नौ बजे अपने-अपने घर पहुंच गए थे, जबकि आशिफ करीब रात 12 बजे सड़क पर अकेला घूमता हुआ CCTV में दिखाई दिया। इसके बाद वह कहां गया, इसका पता लगाने में पुलिस जुटी है।

एसपी सैयद इमरान मसूद के मुताबिक, 30 अगस्त को आशिफ अपने दो दोस्तों के साथ खड़गपुर झील घूमने गया था। तीनों दो बाइकों से निकले थे। रात में दोनों दोस्त अपने घर लौट आए, लेकिन आशिफ घर नहीं पहुंचा। इसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की और शामपुर थाना में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले। पुलिस के अनुसार, रात करीब 12 बजे आशिफ सड़क पर अकेला दिखाई दिया। वहीं, उसके दोनों दोस्तों के करीब नौ बजे घर पहुंचने की पुष्टि से जुड़े तकनीकी साक्ष्य भी पुलिस को मिले हैं।अब जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि रात 12 बजे CCTV में दिखाई देने के बाद आशिफ आखिर कहां गया? पुलिस इसी कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT का गठन किया है। टीम CCTV फुटेज, मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के अलावा गुमशुदगी से जुड़े दूसरे संभावित पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आशिफ आखिरी बार कहां और किस स्थिति में देखा गया था तथा उसके बाद उसकी गतिविधियां किस दिशा में थीं।

इधर, आशिफ के लापता होने के बाद उसकी मां रानी परवीन और परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही है। परिजनों के मुताबिक, वे पिछले 22 दिनों से पुलिस के अलग-अलग अधिकारियों से मिलकर बेटे की तलाश की गुहार लगा रहे हैं।परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी, लेकिन अब तक आशिफ का कोई सुराग नहीं मिला है। मां का कहना है कि उन्हें किसी तरह की आश्वासन नहीं, बल्कि अपना बेटा सुरक्षित चाहिए।

परिजनों ने कहा है कि यदि पुलिस जल्द आशिफ का पता नहीं लगा पाती है तो वे समाज के लोगों के साथ एसपी कार्यालय के सामने धरने पर बैठेंगे। परिवार लगातार पुलिस से आशिफ की तलाश तेज करने की मांग कर रहा है।फिलहाल SIT के सामने CCTV और तकनीकी साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ना सबसे बड़ी चुनौती है। रात 12 बजे आशिफ के अकेले दिखाई देने के बाद की उसकी गतिविधियां सामने आने पर ही गुमशुदगी की इस गुत्थी में आगे की तस्वीर साफ हो सकेगी।

रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान