Bihar News: AI के हाथों होगी डायल 112 की गश्ती की कमान,ऐसे बनेगा डायनेमिक रूट चार्ट

Bihar News: आपातकालीन पुलिस सेवा डायल 112 को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में अहम पहल की जा रही है।

AI के हाथों होगी डायल 112 की गश्ती की कमान- फोटो : reporter

Bihar News: मुजफ्फरपुर में आपातकालीन पुलिस सेवा डायल 112 को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में अहम पहल की जा रही है। अब जिले में पुलिस की गश्ती व्यवस्था को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से जोड़ने की तैयारी है। इसके तहत अपराध के स्वरूप, पूर्व में दर्ज घटनाओं और संवेदनशील इलाकों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण कर पुलिस वाहनों के लिए डायनेमिक रूट चार्ट तैयार किया जाएगा। इससे गश्ती की दिशा और वाहनों की तैनाती समय तथा स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बदली जा सकेगी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद डायल 112 के वाहन केवल पहले से निर्धारित रास्तों पर ही चक्कर नहीं लगाएंगे। AI आधारित प्रणाली उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह आकलन करने में मदद करेगी कि दिन के किस पहर में किस इलाके में पुलिस की मौजूदगी ज्यादा जरूरी है। इसके अनुसार वाहनों की लोकेशन और गश्ती मार्ग में बदलाव किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य आपात स्थिति में पुलिस की पहुंच को अधिक तेज और जरूरत के मुताबिक प्रभावी बनाना है।

समय के हिसाब से बदलेगी गश्ती की रणनीति

प्रस्तावित व्यवस्था में अलग-अलग समय पर इलाके की जरूरतों को ध्यान में रखकर पुलिस की सक्रियता तय की जाएगी। देर रात सोनार पट्टी यानी सर्राफा बाजार और एटीएम परिसरों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी। सुबह के समय पार्कों तथा स्कूलों के आसपास गश्ती पर जोर रहेगा। वहीं, शाम के वक्त कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास पुलिस वाहनों की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। इस तरह संवेदनशील स्थानों पर संबंधित समय के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश होगी।

डायल 112 के बेड़े में भी होगा इजाफा

एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, रिस्पांस वाहनों को एक ही स्थान पर खड़ा रखने के बजाय डायनेमिक लोकेशन प्रबंधन के तहत उनकी तैनाती की जाएगी। फिलहाल जिले में डायल 112 के पास 50 बड़ी और 25 छोटी गाड़ियां उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त 10 वाहन मिलने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी आपातकालीन पुलिस सेवा का दायरा और मजबूत किया जा सकेगा। इससे शहर के साथ-साथ दूरदराज के इलाकों में भी जरूरत के समय पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी।

सिर्फ कम रिस्पांस टाइम नहीं, समाधान की गुणवत्ता भी प्राथमिकता

पुलिस प्रशासन का जोर केवल घटनास्थल तक कम समय में पहुंचने पर नहीं, बल्कि शिकायतों का संतोषजनक और गुणवत्तापूर्ण निपटारा सुनिश्चित करने पर भी है। इसी उद्देश्य से शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबरों पर रैंडम कॉल कर उनसे पुलिस की कार्यशैली और कार्रवाई को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है। इससे सेवा की पारदर्शिता और जवाबदेही परखने में मदद मिलेगी।

AI आधारित गश्ती योजना, वाहनों की बेहतर तैनाती और आम लोगों से मिलने वाले फीडबैक के जरिए मुजफ्फरपुर पुलिस आपातकालीन सेवाओं को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो अपराध की आशंका वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और जरूरत के वक्त त्वरित सहायता पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा