जनता के लिए वरदान साबित हो रहा सीएम सहयोग शिविर, 30 दिनों में काम न करने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज : विधायक अजीत कुमार
Muzaffarpur : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर राज्य भर में आयोजित हो रहा 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम आम जनता के लिए बेहद कारगर साबित हो रहा है। इसके माध्यम से वर्षों से रुके और लंबित पड़े प्रशासनिक कार्यों का अब तय समय सीमा के भीतर निष्पादन किया जा रहा है। कांटी विधानसभा क्षेत्र के बकटपुर पंचायत, नगर परिषद क्षेत्र के ढेवहां और कांटी प्रखंड परिसर में मंगलवार को आयोजित भव्य सहयोग शिविर कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करने के बाद स्थानीय विधायक सह पूर्व मंत्री ई. अजीत कुमार ने यह बातें कहीं। उन्होंने स्टॉलों का निरीक्षण कर जनता को भरोसा दिलाया कि अब किसी भी काम के लिए उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सरकार ने तय की 30 दिनों की डेडलाइन, लापरवाही पर अधिकारी होंगे सस्पेंड
सभा को संबोधित करते हुए विधायक अजीत कुमार ने सरकार के कड़े रुख की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सहयोग शिविर में आने वाले आवेदनों और जन समस्याओं के निपटारे के लिए सरकार ने 30 दिनों का 'टाइम फिक्सेशन' (समय सीमा) निर्धारित कर दिया है। यदि इस तय अवधि के भीतर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने कार्य का निष्पादन नहीं किया, तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ सीधे निलंबन (सस्पेंशन) की कार्रवाई की जाएगी। सरकार की इस ऐतिहासिक और सख्त घोषणा से आम जनता के बीच प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति उम्मीद और विश्वास काफी बढ़ गया है।
पंचायत स्तर पर आयोजन से स्थानीय स्तर पर ही मिल रहा समाधान
विधायक ने बताया कि सहयोग शिविरों का आयोजन अब सीधे पंचायत स्तर पर किया जा रहा है, जिससे वृद्धों, महिलाओं और किसानों को जिला या अनुमंडल मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही है। उन्होंने मौके पर मौजूद सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता का सहयोग करें। श्री कुमार ने क्षेत्रीय लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए न केवल शिविर में भौतिक आवेदन दें, बल्कि सरकार द्वारा जारी 'ऑनलाइन सहयोग पोर्टल' पर भी अपनी शिकायतें दर्ज कराएं ताकि त्वरित मॉनिटरिंग की जा सके।
विधायक ने अलग-अलग स्टॉलों का किया निरीक्षण, ऑन-द-स्पॉट सुनीं समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक अजीत कुमार ने ब्लॉक परिसर और पंचायतों में लगाए गए विभिन्न सरकारी विभागों (जैसे- अंचल, कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, और बाल विकास) के स्टॉलों का सघन अवलोकन किया। उन्होंने काउंटर पर मौजूद कर्मियों से लंबित आवेदनों की स्थिति जानी और शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। स्थानीय ग्रामीणों ने भी सरकार की इस अनूठी पहल की जमकर सराहना की और कहा कि एक ही छत के नीचे सारे अधिकारियों की मौजूदगी से काम कराना बेहद आसान हो गया है।
प्रशासनिक अमले सहित एनडीए गठबंधन के कई नेता रहे मौजूद
कांटी क्षेत्र में आयोजित इस त्रिस्तरीय सहयोग शिविर कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासन और विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी व मुख्य जनप्रतिनिधि मुस्तैद रहे। इस मौके पर मुख्य रूप से:
- प्रशासनिक अधिकारी: बीडीओ आनंद कुमार विभूति, सीओ पिंटू कुमार, ईओ अजय कुमार, बीपीआरओ काजोल कुमारी, बीएओ शिवनाथ झा, सीडीपीओ मीरा कुमारी, एलईओ वरुण कुमार और कांटी पीएचसी के डॉ. पीयूष राज।
- जनप्रतिनिधि व राजनीतिक दल के नेता: नगर परिषद के सभापति दिलीप कुमार, बकटपुर के मुखिया शाहिद रजा उर्फ लड्डन, सरपंच जगत नारायण तिवारी, जदयू प्रखंड अध्यक्ष विनोद गुप्ता, बीस सूत्री उपाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव, नगर पार्षद संतोष पासवान, अशोक चौधरी, शंभू राम, चंदन पांडे और अजीत चौधरी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व सुरक्षाकर्मी उपस्थित थे।