Bihar Crime : मुजफ्फरपुर में मोबाइल के लिए कत्ल, नशेड़ी बड़े भाई ने सहोदर छोटे भाई को उतारा मौत के घाट, इलाके में फैली सनसनी

MUZAFFARPUR : जिले के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र स्थित अंबेडकर नगर मोहल्ले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहाँ महज मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर हुए मामूली विवाद में एक बड़े भाई ने अपने ही 13 वर्षीय छोटे भाई की गला दबाकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा है और स्थानीय लोग इस क्रूरता को देख दंग हैं।

नशे की लत बनी मासूम की मौत का कारण

मृतक की पहचान स्वर्गीय प्रदीप मंडल के पुत्र मनीष कुमार के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी बड़ा भाई, 18 वर्षीय शंकर कुमार, नशे का आदी है। उसे नशे की लत पूरी करने के लिए अक्सर पैसों की जरूरत रहती थी, जिसके लिए वह बार-बार अपने छोटे भाई का मोबाइल गिरवी रख दिया करता था। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच अक्सर विवाद होता था, जिसने आज हिंसक रूप ले लिया और शंकर ने मनीष की जान ले ली।

पुलिस और एफएसएल टीम ने की जांच

घटना की सूचना मिलते ही सिकंदरपुर पुलिस और एएसपी (टाउन-1) भानु प्रताप सिंह (सुरेश कुमार) दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की गंभीरता और साक्ष्यों के संकलन के लिए एफएसएल (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। पुलिस ने मनीष के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेज दिया है।

आरोपी भाई पुलिस की गिरफ्त में

एएसपी टाउन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मोबाइल को लेकर हुए झगड़े में शंकर कुमार ने अपने छोटे भाई का गला घोंट दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी भाई शंकर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में नशे की बात और मोबाइल बंधक रखने के विवाद की पुष्टि हुई है। पुलिस अब इस मामले के अन्य पहलुओं और आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।

बिखर गया परिवार, मां का रो-रोकर बुरा हाल

मृतक के पिता की मौत कुछ साल पहले ही हो चुकी थी, जिसके बाद मां ही दोनों बेटों की परवरिश कर रही थी। एक बेटे की मौत और दूसरे के जेल जाने से परिवार पूरी तरह बिखर गया है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि नशा किस तरह युवाओं को अपराधी बना रहा है, यह घटना उसका जीता-जागता और डरावना उदाहरण है। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

मणिभूषण की रिपोर्ट