बैसाखी' को बनाया गंदे धंधे का जरिया : लेडी सिंघम ज्योति कुमारी ने दिव्यांग कारोबारी को दबोचा, लाखों की शराब जब्त
मुजफ्फरपुर के सकरा में एक दिव्यांग मनीष कुमार बैसाखी की आड़ में शराब का सिंडिकेट चला रहा था। उत्पाद विभाग की सब-इंस्पेक्टर ज्योति कुमारी ने छापेमारी कर लाखों की विदेशी शराब बरामद की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
Muzfffarpur - मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग ने एक ऐसी छापेमारी की है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। बैसाखी के सहारे चलने वाला एक दिव्यांग व्यक्ति बड़े पैमाने पर विदेशी शराब का सिंडिकेट चला रहा था, जिसका खुलासा विभाग की 'लेडी सिंघम' कही जाने वाली अधिकारी की सूझबूझ से हुआ।
बैसाखी का सहारा और शराब का काला कारोबार
मुजफ्फरपुर के उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि सकरा थाना क्षेत्र के रूपनपट्टी गांव में मनीष कुमार नामक एक दिव्यांग, जो बैसाखी के सहारे चलता है, विदेशी शराब का बड़ा अवैध धंधा कर रहा है। सूचना के अनुसार, उसने अपने घर के भीतर ही शराब का भारी भंडारण कर रखा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्पाद सब-इंस्पेक्टर ज्योति कुमारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
छापेमारी में दंग रह गई उत्पाद विभाग की टीम
जब सब-इंस्पेक्टर ज्योति कुमारी की टीम मनीष कुमार के घर पहुँची, तो शुरुआत में उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति इतने बड़े कारोबार में संलिप्त हो सकता है। लेकिन जब घर के अंदर गहन तलाशी ली गई, तो टीम के होश उड़ गए। घर के कमरों से लाखों रुपये मूल्य की विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद हुई।
गिरफ्तारी और बड़े नेटवर्क का खुलासा
उत्पाद विभाग ने मौके से शराब जब्त कर दिव्यांग मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बैसाखी की आड़ में इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था। उसने पुलिस के सामने अपने कई अन्य सहयोगियों और बड़े शराब कारोबारियों के नामों का भी खुलासा किया है।
उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि बरामद शराब की कीमत लाखों में है और मनीष के बयानों के आधार पर उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है।
रिपोर्ट - मणि भूषण शर्मा