मुजफ्फरपुर: कांटी विधायक ई. अजीत कुमार की पहल लाई रंग, महीनों बाद खुली कपरपुरा रेलवे गुमटी-107
मुजफ्फरपुर के कांटी विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से बंद पड़ी कपरपुरा रेलवे गुमटी संख्या-107 को आखिरकार शनिवार को आम जनता के आवागमन के लिए दोबारा खोल दिया गया है। गुमटी खुलने की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। इस ऐतिहासिक और राहत भरे क्षण पर स्थानीय क्षेत्रवासियों ने गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ कांटी विधायक ई. अजीत कुमार का जोरदार नागरिक अभिनंदन किया और इस समस्या के समाधान के लिए उनका आभार जताया।
बंद गुमटी से बेहाल था जनजीवन, छात्र और मरीज झेल रहे थे बड़ी परेशानी
इस मौके पर जनता को संबोधित करते हुए विधायक ई. अजीत कुमार ने कहा कि गुमटी के बंद रहने से कांटी और इसके आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों का जीना मुहाल हो गया था। आवागमन ठप होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं, रोज कमाने वाले किसानों, स्थानीय व्यवसायियों और गंभीर मरीजों को उठानी पड़ रही थी, जिन्हें लंबी दूरी तय कर अपने गंतव्य तक जाना पड़ता था। कई बार आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन भी जाम और बंद रास्ते की वजह से फंसे रहते थे, जिसे देखते हुए उन्होंने इस मुद्दे को रेलवे और जिला प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया था।
समस्तीपुर रेल मंडल से लेकर जिला प्रशासन तक लगातार चली वार्ता
विधायक ने कपरपुरा गुमटी को खुलवाने के लिए किए गए अपने प्रशासनिक प्रयासों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने सबसे पहले मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी से मुलाकात कर जनता की तकलीफों से उन्हें अवगत कराया था। इसके बाद, 4 अप्रैल 2026 को वे एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा से गहन वार्ता की। उस समय रेलवे अधिकारियों ने जनहित का सम्मान करते हुए गुमटी संख्या-107 पर अंडरपास का निर्माण कराने और काम पूरा होने तक वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था बहाल रखने का भरोसा दिया था।
आंदोलन की चेतावनी के बाद झुका रेलवे, मौके पर कई गणमान्य रहे मौजूद
रेलवे द्वारा आश्वासन के एक महीने बाद भी जब धरातल पर कार्य शुरू नहीं हुआ, तब विधायक ई. अजीत कुमार ने रेलवे प्रशासन को कड़ा पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जताई थी और समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। आखिरकार, जिला प्रशासन के हस्तक्षेप और बढ़ते जन दबाव को देखते हुए समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय ने बंद लेवल क्रॉसिंग को पूर्ववत चालू रखने का लिखित आदेश जारी कर दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर सांसद वीणा देवी, कांटी प्रमुख कृपा शंकर शाही, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल शाही, बम बम शाही, मुखिया इंद्र मोहन झा, जदयू अध्यक्ष मोहम्मद शमीम सहित भारी संख्या में वार्ड पार्षद, जनप्रतिनिधि और स्थानीय प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे।