पिता की मौत के बाद बेटों ने संभाली शराब तस्करी की 'विरासत', भारी खेप के साथ चढ़ा उत्पाद विभाग के हत्थे

मुजफ्फरपुर में उत्पाद विभाग ने झखड़ा गांव में छापेमारी कर शराब तस्कर रणधीर कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी का पूरा परिवार शराब तस्करी के धंधे में संलिप्त पाया गया है।

Muzaffarapur - : जिले के करजा थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग ने शराब माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। यहाँ एक ऐसे परिवार का भंडाफोड़ हुआ है जहाँ पिता की मौत के बाद उसके दोनों बेटों ने शराब तस्करी के काले कारोबार को बखूबी संभाल लिया था। हालांकि, उत्पाद विभाग की सक्रियता के कारण इस 'विरासत' का अंत सलाखों के पीछे हुआ।

खेत में गड्ढा खोदकर ट्रंक में छिपाई थी शराब

पूरा मामला करजा थाना क्षेत्र के झखड़ा गांव का है। उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि शराब तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए एक खेत के अंदर गड्ढा खोद रखा है और उसके भीतर बड़े-बड़े ट्रंकों में विदेशी शराब की खेप छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने जब चिन्हित स्थान पर छापेमारी की, तो जमीन के अंदर से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई।

तस्करी में शामिल है पूरा परिवार

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 40 कार्टन विदेशी शराब बरामद की है। इस मामले में झखड़ा गांव निवासी स्वर्गीय नवल किशोर राय के पुत्र सुमन कुमार उर्फ रणधीर कुमार को गिरफ्तार किया गया है। जाँच में यह बात सामने आई कि रणधीर का पिता नवल किशोर राय भी बड़ा शराब कारोबारी था और कई बार जेल जा चुका था। पिता की मौत के बाद रणधीर और उसका भाई मनधीर कुमार इस अवैध धंधे को चला रहे थे। बताया जा रहा है कि मनधीर कुमार भी पहले कई बार शराब तस्करी के मामले में जेल की हवा खा चुका है।

उत्पाद विभाग की कड़ी कार्रवाई

मामले की जानकारी देते हुए उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि गिरफ्तार तस्कर सुमन उर्फ रणधीर के पास से शराब की बड़ी खेप मिली है। उन्होंने पुष्टि की कि इस परिवार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए दोनों भाइयों ने शराब तस्करी को अपना पेशा बना लिया था। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ कर रही है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।

Report - Mani bhushan sharma