Bihar Shelter Home Case: मुजफ्फरपुर बाल गृह कांड में अधीक्षक समेत 7 निलंबित, मंत्री ने लापरवाही पर नाप दिया,पुलिस की कई जिलों में छापेमारी तेज
Bihar Shelter Home Case:बाल गृह से 10 बच्चों के फरार होने के मामले में राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाल गृह अधीक्षक अविनाश डे समेत कुल 7 लोगों को निलंबित कर दिया है।..
Bihar Shelter Home Case: मुजफ्फरपुर जिले के नरौली स्थित बाल गृह से रविवार रात 10 बच्चों के फरार होने की घटना ने प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाल गृह अधीक्षक अविनाश डे समेत कुल 7 लोगों को निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए लोगों में गृह फादर और 5 होमगार्ड के जवान भी शामिल हैं।
घटना के बाद मामले की जांच के लिए समाज कल्याण मंत्री डॉ शवेता गुप्ता स्वयं नरौली बाल गृह पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री ने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने तेजी से तलाशी अभियान शुरू किया। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीमों ने अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर अब तक 6 बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया है। बरामद किए गए बच्चों में मूक-बधिर बच्चे भी शामिल हैं, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ जाती है। सभी बच्चों को सुरक्षित बताया गया है।
पुलिस टीम का नेतृत्व डीएसपी शिवानी श्रेष्ठ और आसन सुखविंदर नैन कर रहे हैं। जबकि एसएसपी कांतकांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि रविवार रात बाल गृह से रहस्यमय परिस्थितियों में बच्चे फरार हुए थे, जिसके बाद पूरे जिले में अलर्ट जारी किया गया। फिलहाल 4 बच्चे अब भी लापता हैं और उनकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। समस्तीपुर समेत कई जिलों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि बाकी बच्चों को भी जल्द सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।
इस घटना ने बाल संरक्षण व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा