Bihar News : मुजफ्फरपुर में एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के आते ही पुलिस का एक्शन, बैंड-बाजे के साथ अपराधियों के घर लगाया गया इश्तेहार

MUZAFFARPUR : बिहार में गृह विभाग का जिम्मा संभालते ही सम्राट चौधरी के कड़े तेवरों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। राज्य में हाल ही में हुए बड़े पैमाने पर आईपीएस अधिकारियों के तबादले के बाद मुजफ्फरपुर को नए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के रूप में कांतेश कुमार मिश्रा मिले हैं। नए कप्तान की नियुक्ति के साथ ही मुजफ्फरपुर पुलिस पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर आ गई है, जिससे अपराधियों और फरार आरोपियों में हड़कंप मच गया है।

जिले के विभिन्न थानों की पुलिस अब डंके की चोट पर अपराधियों को सरेंडर करने की चेतावनी दे रही है। इसी कड़ी में पुलिस की एक अनोखी और सख्त कार्रवाई देखने को मिली, जहाँ ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ पुलिस की टीम फरार आरोपियों के घर पहुँची। पुलिस का यह 'म्यूजिकल' अंदाज असल में अपराधियों के लिए आखिरी चेतावनी है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि या तो वे कोर्ट या थाने में आत्मसमर्पण करें, अन्यथा उनके घरों की कुर्की-जप्ती कर दी जाएगी।

मनियारी थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी जे.पी. गुप्ता ने दल-बल के साथ करीब आधा दर्जन फरार आरोपियों के घर पर इश्तिहार चस्पा किया। बैंड-बाजे के साथ पहुँची पुलिस ने मोहल्ले वालों की मौजूदगी में मुनादी की और आरोपियों को चेतावनी दी। थाना प्रभारी जे.पी. गुप्ता ने बताया कि कोर्ट से इश्तिहार जारी होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि "आरोपियों के पास मात्र 10 दिनों का समय है; अगर वे आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो पुलिस कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए घर का कोना-कोना कुर्क कर लेगी।"

कार्रवाई का सिलसिला केवल मनियारी तक सीमित नहीं रहा। जज़ुआर थाना अध्यक्ष रौशन कुमार मिश्र ने भी अपने क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। उन्होंने बैंड-बाजे के साथ एक साथ 10 फरार आरोपियों के घर पहुँचकर इश्तिहार लगाया। पुलिस की इस सक्रियता ने यह संदेश दे दिया है कि जिले में अब कानून का राज और भी सख्त होने वाला है। स्थानीय लोगों के बीच पुलिस की इस कार्यशैली की चर्चा हो रही है, वहीं अपराधियों में डर साफ देखा जा रहा है।

मुजफ्फरपुर में नए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा की कमान संभालने के बाद पुलिस का यह बदला हुआ स्वरूप अपराधियों को बख्शने के मूड में नहीं है। थानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि लंबित मामलों और फरार अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। अब देखना यह होगा कि पुलिस की इस 'बैंड-बाजा' चेतावनी के बाद कितने अपराधी कानून के सामने घुटने टेकते हैं।

मणिभूषण की रिपोर्ट