Bihar News : मुजफ्फरपुर SSP ने दिखाई दरियादिली, दफ्तर से बाहर निकल खुद सुनी फरियादियों की समस्याएं, लोगों ने कहा- ' अफसर हो तो ऐसा'

Bihar News : मुजफ्फरपुर के एसएसपी फरियादियों की भीड़ देखकर अपने कार्यालय से बाहर निकल गए और लोगों की शिकायत सुनने लगे. लोगों ने कहा की अफसर हो तो ऐसा.......पढ़िए आगे

एसएसपी की दरियादिली - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : पुलिस की कार्यशैली और थानों में होने वाले बर्ताव को लेकर आम जनता के बीच अक्सर कड़वाहट देखी जाती है, लेकिन मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय में आज एक अलग ही नजारा देखने को मिला। अमूमन अधिकारी अपने चैंबर में बैठकर लोगों से मिलते हैं, लेकिन एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने प्रोटोकॉल से इतर संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की। अपनी शिकायतों को लेकर घंटों से कतार में खड़े और इंतजार कर रहे फरियादियों की परेशानी देख साहब खुद अपने कार्यालय से बाहर निकल आए।

साहब को बीच में पाकर खिले फरियादियों के चेहरे

सैकड़ों की संख्या में दूर-दराज से आए लोग जब चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच अपने नंबर का इंतजार कर रहे थे, तभी एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा को सीधे अपने पास खड़ा देख वे अचंभित रह गए। एसएसपी ने बिना किसी तामझाम के एक-एक कर दर्जनों लोगों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निष्पादन के निर्देश दिए। पुलिस के इस मानवीय चेहरे को देखकर अपनी फरियाद लेकर आए बुजुर्गों और महिलाओं के चेहरे पर अचानक मुस्कान तैर गई।

थाना स्तर के व्यवहार पर जनता का तीखा प्रहार

एसएसपी के इस कदम की सराहना करते हुए वहां मौजूद लोगों ने स्थानीय पुलिस के रवैये पर भी अपनी बात रखी। फरियादियों का कहना था कि अक्सर थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों का व्यवहार जनता के प्रति रुखा और अपमानजनक होता है। लोगों ने कहा कि जब जिले का सबसे बड़ा पुलिस अधिकारी हमारे बीच आकर ज़मीन पर खड़ा हो सकता है, तो निचले स्तर के पदाधिकारियों को इससे सबक लेने की ज़रूरत है। जनता ने एसएसपी के इस व्यवहार को 'सराहनीय और प्रेरणादायक' बताया।

पुलिसिंग में विश्वास बहाली की अनूठी पहल

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का जनता के साथ इस तरह का सीधा संवाद न केवल समस्याओं के त्वरित समाधान में मदद करता है, बल्कि खाकी के प्रति आम लोगों का विश्वास भी बहाल करता है। एसएसपी के इस 'जनता दरबार' ने यह संदेश दिया कि न्याय पाने के लिए केवल कागजी कार्रवाई ही काफी नहीं, बल्कि अधिकारी के भीतर संवेदनशीलता का होना भी उतना ही जरूरी है। उपस्थित लोगों ने एक सुर में कहा कि अगर हर अधिकारी इसी तरह जनता के प्रति जवाबदेह हो जाए, तो अपराध और अपराधियों पर लगाम कसना बेहद आसान हो जाएगा।

निचले अधिकारियों के लिए 'मैसेज' है यह कदम

जानकारों का मानना है कि एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा का यह व्यवहार उनके मातहत काम करने वाले थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों के लिए एक कड़ा संदेश है। यह स्पष्ट करता है कि पुलिस का काम केवल डंडा चलाना नहीं, बल्कि मुसीबत में फंसे आम आदमी की बात धैर्यपूर्वक सुनना और उसकी मदद करना है। एसएसपी की इस दरियादिली की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है और सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी कार्यशैली की जमकर तारीफ कर रहे हैं। 

मणिभूषण की रिपोर्ट