Bihar News : नालंदा में शीतला मंदिर भगदड़ मामला, एडीजी कुंदन कृष्णन ने की घटनास्थल की जांच, थाना प्रभारी को किया सस्पेंड, साथ ले गए CCTV फुटेज

Bihar News : नालंदा में शीतला मंदिर में भगदड़ को लेकर एडीजी कुंदन कृष्णन घटनास्थल पहुंचे. इस मामले में थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है.........पढ़िए आगे

घटनास्थल का जायजा - फोटो : SOCIAL MEDIA

NALANDA : जिले के प्रसिद्ध माता शीतला मंदिर में मंगलवार को मची भगदड़ और अव्यवस्था के कारण हुई श्रद्धालुओं की मौत के मामले को पुलिस मुख्यालय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने स्वयं मंदिर परिसर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। 

घटना के बाद प्राथमिक जांच के आधार पर स्थानीय थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है, जिन पर भीड़ का सही आकलन न करने और समय पर सूचना न देने के गंभीर आरोप हैं। एडीजी ने मंदिर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खुद अपने साथ पटना मुख्यालय ले गए हैं, ताकि घटना की कड़ियों को जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के भीतर अनियंत्रित तरीके से दुकानों का सजा होना और निकासी के रास्तों का अवरुद्ध होना एक बड़ी प्रशासनिक विफलता है, जिससे एम्बुलेंस तक को अंदर आने में बाधा हुई। 

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मंदिर के पुजारियों और प्रबंधन का ध्यान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के बजाय आय के स्रोतों और दक्षिणा पर अधिक था। गर्भगृह में प्रवेश के पुराने नियमों को ताक पर रखकर भीड़ को अंदर ठूंस दिया गया, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई। राष्ट्रपति की ड्यूटी में बल की तैनाती का तर्क स्थानीय सुरक्षा में लापरवाही का बहाना नहीं हो सकता, क्योंकि क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्थानीय पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी थी।

कुंदन कृष्णन ने बताया कि पटना मुख्यालय में सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि बंदोबस्ती में असल चूक कहाँ हुई और क्या थाना प्रभारी ने लिखित रूप में अतिरिक्त बल की मांग की थी या नहीं। उन्होंने कहा कि मरने वालों में अधिकांश की मृत्यु भगदड़ से ज्यादा भीषण गर्मी, भूख-प्यास और डिहाइड्रेशन के कारण हुई है, क्योंकि छोटे से परिसर में क्षमता से कई गुना अधिक लोग मौजूद थे।

राज की रिपोर्ट