नवादा सदर अस्पताल में सीनियर डॉक्टर पर जानलेवा हमला, इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान मारपीट से भड़के स्वास्थ्यकर्मी

Bihar News : सदर अस्पताल में मेडिकल नोट बनाने के दौरान सीनियर डॉक्टर पर हमला हुआ। चैंबर में दरवाजा न होने से आरोपी अंंदर घूसकर घटना को अंजाम दिया और डॉक्टर खुद को नहीं बचा सके। 300 बेड के अस्पताल में सुरक्षा भगवान भरोसे....

नवादा सदर अस्पताल में डॉक्टर पर जानलेवा हमला- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : बिहार के नवादा सदर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां रविवार को इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात एक सीनियर डॉक्टर पर कुछ असामाजिक तत्वों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों में भारी आक्रोश फैल गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराते हुए कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।


इंज्युरी रिपोर्ट को लेकर हुई वारदात

पीड़ित डॉक्टर श्रीकांत प्रसाद ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे रविवार को रोजाना की तरह इमरजेंसी वार्ड में मरीजों का इलाज कर रहे थे। इसी दौरान आपसी मारपीट के एक मामले से जुड़े चार आरोपी अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर ने उनमें से तीन जख्मी लोगों की चोटों का मेडिकल नोट (इंजरी रिपोर्ट) तैयार कर लिया था, लेकिन इसी बीच चौथे व्यक्ति ने अचानक उनके साथ गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू कर दी। देखते ही देखते आरोपी उग्र हो गया और उसने डॉक्टर पर जानलेवा हमला कर दिया।


पीड़ित डॉक्टर ने अस्पताल के सुरक्षा पर उठाए सवाल

डॉक्टर श्रीकांत प्रसाद ने अस्पताल के बदहाल बुनियादी ढांचे और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि उनके चैंबर में दरवाजा तक नहीं लगा है, जिसके कारण हमले के वक्त वे खुद को कमरे के अंदर बंद या सुरक्षित भी नहीं कर सके और उन्हें बचाव करने में काफी परेशानी हुई। उन्होंने साफ कहा कि अगर अस्पताल में मौजूद स्थानीय लोग और मरीजों के परिजन तुरंत बीच-बचाव नहीं करते, तो हमलावर उनके साथ कोई बहुत बड़ी और अनहोनी घटना को अंजाम दे सकते थे।


घटना को लेकर डॉक्टरों और कर्मियों में गुस्सा

इस घटना के बाद सदर अस्पताल के डॉक्टरों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। डॉक्टरों का कहना है कि 300 बेड वाले इस जिला अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है और उनकी जान हमेशा जोखिम में रहती है। डॉक्टरों ने बेहद निराशाजनक लहजे में कहा कि ऐसी असुरक्षित परिस्थितियों में ड्यूटी करने से बेहतर घर पर बैठना है। गौरतलब है कि नवादा सदर अस्पताल में डॉक्टरों पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी डॉक्टर मनोज कुमार पर इसी तरह का जानलेवा हमला हो चुका है, जिससे यहां का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहता है।


मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह ने तुरंत पुलिस बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचकर स्थिति को संभाला और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य हमलावर युवक को मौके से ही हिरासत में ले लिया है और नगर थाने में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, अस्पताल प्रबंधक और अन्य साथी डॉक्टरों ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करते हुए जिला प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और अस्पताल में स्थाई पुलिस सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट