नवादा में निगरानी विभाग का बड़ा धमाका: थाने का दरोगा 25 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

ई प्रमोद कुमार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। दरोगा एक विशेष मुकदमे में मदद के बदले पैसे की मांग कर रहा था।

रिश्वत लेते दारोगा गिरफ्तार- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada - नवादा जिले के अकबरपुर थाने में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक प्रमोद कुमार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया । दरोगा एक केस डायरी में मदद करने और अभियुक्तों की गिरफ्तारी रोकने के नाम पर पैसे की मांग कर रहा था 

केस डायरी में मदद के बदले मांगी थी रिश्वत

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना को नवादा निवासी श्री विकास कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अकबरपुर थाना कांड संख्या 484/25 में उनके बहनोई और भगना को गिरफ्तार नहीं करने और केस डायरी में मदद करने के एवज में पुलिस अवर निरीक्षक प्रमोद कुमार द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है । शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने गुप्त रूप से मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया 

थाना गेट पर ही दबोचा गया घूसखोर दरोगा

आरोप की पुष्टि होने के बाद पुलिस उपाधीक्षक गौतम कृष्ण के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (ट्रैप टीम) का गठन किया गया । शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को जैसे ही आरोपी दरोगा प्रमोद कुमार ने अकबरपुर थाना के गेट पर परिवादी से 25,000 रुपये की रिश्वत ली, सतर्क निगरानी टीम ने उसे दबोच लिया । टीम ने दरोगा के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली है 

वर्ष 2026 का पहला 'ट्रैप' केस

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भ्रष्टाचार के विरुद्ध वर्ष 2026 में दर्ज की गई यह दूसरी प्राथमिकी है, जबकि ट्रैप (रंगे हाथों गिरफ्तारी) से संबंधित यह साल का पहला मामला है । गिरफ्तार दरोगा से पूछताछ के बाद उसे पटना स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया जाएगा 

भ्रष्टाचार के खिलाफ ब्यूरो की अपील

निगरानी ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि वह भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए संकल्पित है । विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी सेवक किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत ब्यूरो के हेल्पलाइन नंबर 0612-2215344 या व्हाट्सएप नंबर 9473494167 पर संपर्क करें 

रिपोर्ट - अमन सिन्हा