बिहार में आसमान से बरपा कहर, आकाशीय बिजली ने लील ली 14 जिंदगियां, कहीं उजड़ा सुहाग तो कहीं बच्चों के सिर से उठा साया, CM ने जताया दुख, 4-4 लाख मुआवजे का ऐलान

Bihar Weather:बिहार में आसमान से गिरी बिजली ने देखते ही देखते 14 जिंदगियां तबाह कर दीं।...

आकाशीय बिजली ने लील ली 14 जिंदगियां- फोटो : reporter

Bihar Weather: बिहार में मंगलवार का दिन कई परिवारों के लिए कयामत बनकर आया। आसमान से गिरी बिजली ने देखते ही देखते 14 जिंदगियां तबाह कर दीं। नवादा, बांका, लखीसराय और जमुई में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलसकर जख्मी हुए हैं। अचानक बरपी इस आफत के बाद गांवों में मातम पसरा है और मृतकों के घरों में चीख-पुकार मची हुई है। बांका में सबसे दर्दनाक मंजर सामने आया। चांदन थाना क्षेत्र के बोड़ा-सुईया गांव में ठनका गिरने से तीन महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत आठ लोग झुलस गए। वहीं बौंसी के सिराय गांव और काजी कैरी में भी वज्रपात की चपेट में आने से एक-एक व्यक्ति की जान चली गई।

उधर लखीसराय में आकाशीय बिजली ने तीन लोगों की जिंदगी छीन ली, जबकि जमुई में भी एक व्यक्ति की मौत की खबर है। लगातार हो रही इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत और गम का माहौल है। 

नवादा में पिछले 12 घंटे के दौरान वज्रपात ने छह परिवारों पर कहर बरपाया। रजौली थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में धान की रोपनी के दौरान एक ही गांव के तीन मजदूर ठनका की चपेट में आ गए। मृतकों की पहचान मधेशरा गांव निवासी राजेंद्र मांझी , मनी मांझी  और इंद्रजीत मांझी  के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों करीब 350 किलोमीटर दूर से मजदूरी करने आए थे। बारिश के दौरान सुरक्षित ठिकाने की तरफ जाने के क्रम में अचानक बिजली गिरी और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

एक का परिवार बेसहारा, दूसरे का सुहाग उजड़ा

इंद्रजीत मांझी परिवार के सबसे बड़े बेटे और घर के मुख्य सहारे थे। उनके पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी रह गए हैं। वहीं मनी मांझी के चारों बच्चों की शादी हो चुकी थी, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर भी वह मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहे थे।राजेंद्र मांझी की शादी महज एक साल पहले हुई थी। पहली सालगिरह आने से पहले ही पत्नी का सुहाग उजड़ गया। तीनों की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।

मासूमों पर भी टूटा कहर

मेसकौर के लक्ष्मीपुर गांव में आठ वर्षीय सुमित्रा कुमारी और ढिबरा गांव के 16 वर्षीय नवनीत कुमार की वज्रपात से मौत हो गई। वहीं रोह प्रखंड के छनौन गांव में 10 वर्षीय प्रिंस कुमार भी आसमानी बिजली का शिकार हो गया। मासूमों की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने सरकारी मदद और शवों को ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप भी लगाया है।

CM ने जताया दुख, 4-4 लाख मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वज्रपात से हुई मौतों पर गहरी संवेदना जताई है। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को तत्काल चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने खराब मौसम के दौरान लोगों से पूरी सतर्कता बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

आसमान से बरपी इस आफत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मौसम की बेरुखी गरीब और मजदूर परिवारों के लिए कितनी बड़ी त्रासदी बन सकती है। कहीं घर का चिराग बुझ गया, कहीं सुहाग उजड़ गया और कहीं मासूम बच्चों की जिंदगी अधूरी रह गई।