Bihar News: कस्तूरबा विद्यालय के खेल मैदान पर क्वार्टर निर्माण से छात्राओं में उबाल, नारेबाजी कर बोलीं- मैदान बचाइए, निर्माण रोकिए

Bihar News: नवादा जिले के एक कस्तूरबा विद्यालय में छात्राओं के खेल मैदान पर डायट भवन के कर्मचारियों के लिए क्वार्टर निर्माण शुरू किए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है।...

छात्राओं में उबाल- फोटो : reporter

Bihar News: नवादा जिले के एक कस्तूरबा विद्यालय में छात्राओं के खेल मैदान पर डायट भवन के कर्मचारियों के लिए क्वार्टर निर्माण शुरू किए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। निर्माण को लेकर छात्राओं में नाराजगी इस कदर बढ़ी कि सोमवार को उन्होंने मैदान में पहुंचकर नारेबाजी की और निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की। छात्राओं ने मौके पर मौजूद मजदूरों से भी काम बंद करने का आग्रह किया। छात्राओं की मांग के बाद मजदूरों ने फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया।

छात्राओं का कहना है कि विद्यालय का यह मैदान पहले से ही काफी छोटा है। इसी मैदान में वे खेलकूद के साथ योगाभ्यास और प्रार्थना जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेती हैं। ऐसे में यदि मैदान के एक हिस्से में क्वार्टर का निर्माण हो गया तो उनके लिए खेल और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए जगह और कम हो जाएगी।अभ्यास मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार ने भी छात्राओं की परेशानी को गंभीर बताते हुए निर्माण पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का खेल मैदान पहले से ही सीमित है। मैदान पर क्वार्टर बनने से छात्राओं की खेलकूद, योग और प्रार्थना जैसी नियमित गतिविधियां प्रभावित होंगी।

प्रधानाध्यापक ने छात्राओं की निजता और सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि छात्राओं के छात्रावास के ठीक सामने कर्मचारियों के लिए आवासीय क्वार्टर बनाए जाने से भविष्य में उनकी निजता को लेकर परेशानी उत्पन्न हो सकती है। इसको लेकर उन्होंने जिलाधिकारी को आवेदन देकर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई है।

वहीं छात्राओं का आरोप है कि निर्माण के विरोध में वे पहले भी तीन बार आवेदन दे चुकी हैं, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। सोमवार को जब निर्माण कार्य जारी था तो छात्राओं ने एकजुट होकर विरोध जताया और मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी।छात्राओं की मांग है कि प्रशासन पूरे मामले की जांच करे और खेल मैदान को निर्माण की जद में आने से बचाया जाए। उनका कहना है कि मैदान केवल खेलने की जगह नहीं, बल्कि विद्यालय की छात्राओं की शारीरिक गतिविधियों, योग और प्रार्थना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अब निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। छात्राओं और विद्यालय प्रबंधन की आपत्ति के बाद यह देखना अहम होगा कि प्रशासन निर्माण को लेकर क्या निर्णय लेता है और छात्राओं के खेल, निजता एवं सुरक्षा से जुड़े सवालों का समाधान किस तरह किया जाता है।

रिपोर्ट- अमन कुमार