Bihar News: हिसुआ में विधायक अनिल सिंह का क्वालिटी टेस्ट, बस स्टैंड और वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में मिली खामियां, निर्माण कार्यों पर उठे बड़े सवाल

Bihar News: नवादा जिले के हिसुआ विधानसभा क्षेत्र में विधायक ने सरकारी योजनाओं के निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण कर निर्माण एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

विधायक का क्वालिटी टेस्ट- फोटो : reporter

Nawada: हिसुआ विधानसभा क्षेत्र में चल रही सरकारी परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर भाजपा विधायक अनिल सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। जनता की सुविधा और स्वच्छ शहर के दावों की हकीकत जानने के लिए विधायक ने हिसुआ नगर परिषद क्षेत्र में नवनिर्मित बस स्टैंड और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का विभागीय अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

निरीक्षण के दौरान विधायक अनिल सिंह ने निर्माण सामग्री की मजबूती और गुणवत्ता की खुद जांच की। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार जब उन्होंने निर्माण में इस्तेमाल की जा रही एक ईंट को उठाकर परखा, तो वह हाथ लगते ही टूटकर बिखर गई। इस घटना के बाद विधायक ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जनता के टैक्स और सरकारी खजाने के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।विधायक ने कहा कि सरकार विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि धरातल पर गुणवत्ता ही नहीं दिखेगी तो योजनाओं का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों से जवाब-तलब करते हुए निर्माण प्रक्रिया की पूरी जांच कराने की मांग की।

निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड और कचरा प्रबंधन परियोजना के विभिन्न पहलुओं का भी जायजा लिया गया। विधायक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जहां भी अनियमितता या लापरवाही पाई जाए, वहां जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण है।

अनिल सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता की सुविधा के लिए शुरू की गई योजनाओं को भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हिसुआ को स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाने का संकल्प तभी पूरा होगा जब निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप किए जाएं।विधायक के इस औचक निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसियों में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि समय-समय पर इस तरह की निगरानी होती रहे तो सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा और जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सकेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और निर्माण कार्यों में सामने आई खामियों पर कितना सख्त रुख अपनाया जाता है।

रिपोर्ट- अमन कुमार