सांसद विवेक ठाकुर का मिशन 'विकसित नवादा': वारिसलीगंज में नई चीनी मिल की तैयारी, जनता से मांगी 100 एकड़ भूमि की जानकारी
वारिसलीगंज में नई चीनी मिल की स्थापना की प्रक्रिया को आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। सांसद ने बताया कि बिहार सरकार ने अपने नए कार्यकाल के पहले ही कैबिनेट में चीनी मिलों की बहाली का निर्णय लिया था, जिसमें नवादा को प्रमुखता से शामिल किया गया है
NAWADA - नवादा के सांसद विवेक ठाकुर ने क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ी घोषणा की है, जिसमें वारिसलीगंज में नई चीनी मिल की स्थापना की प्रक्रिया को आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। सांसद ने बताया कि बिहार सरकार ने अपने नए कार्यकाल के पहले ही कैबिनेट में चीनी मिलों की बहाली का निर्णय लिया था, जिसमें नवादा को प्रमुखता से शामिल किया गया है। यह पहल क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
100 एकड़ जमीन की तलाश: डीएम को लिखा पत्र
चीनी मिल की स्थापना के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम भूमि का चयन है। सांसद विवेक ठाकुर ने जानकारी दी कि जिला पदाधिकारी (DM), नवादा को 9 फरवरी 2026 को एक पत्र जारी कर 100 एकड़ निजी या सरकारी जमीन चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के संकल्प संख्या 1587 के तहत इस दिशा में पत्राचार और कागजी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है।
आम जनता की भागीदारी: व्हाट्सएप नंबर जारी
सांसद ने भूमि चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाने के लिए आम जनता से सीधे सहयोग की अपील की है। उन्होंने एक विशेष व्हाट्सएप नंबर 8292002999 जारी किया है, जिस पर लोग उपयुक्त जमीन का विवरण भेज सकते हैं। विवेक ठाकुर ने कहा कि यदि कहीं 60-70 एकड़ सरकारी और 30 एकड़ निजी भूमि का पैच उपलब्ध है, तो उसकी जानकारी भी साझा की जाए ताकि प्रशासन वहां जाकर भौतिक सत्यापन कर सके।
किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य
चीनी मिल की पुनर्स्थापना को सांसद ने एक 'क्रांतिकारी कदम' करार दिया है। उन्होंने बताया कि इस मिल के शुरू होने से सैकड़ों किलोमीटर के दायरे में आने वाले गन्ना किसानों की आय में भारी वृद्धि होगी और उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा। वारिसलीगंज के पुराने गौरव को लौटाने के साथ-साथ यह मिल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
'विकसित नवादा' की साझा जिम्मेदारी
अपने संदेश के अंत में विवेक ठाकुर ने नवादा की जनता को इस विकास यात्रा का सहभागी बताया। उन्होंने पूर्व में कचरा के पावर ग्रिड की स्थापना का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे वहां जनता के सुझाव से जमीन मिली, वैसे ही चीनी मिल के लिए भी सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन और जनता के सहयोग से 'विकसित नवादा' का सपना जल्द ही साकार होगा।