Bihar News: नवादा में दुर्लभ मृदा तत्वों की खोज पर लोकसभा में सांसद विवेक ठाकुर ने उठाया सवाल, इस दिन तक पूरा होगा सर्वे का काम

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Bihar News: बिहार के नवादा और आसपास के जिलों में दुर्लभ मृदा तत्वों (Rare Earth Elements- REE) की संभावनाओं को लेकर लोकसभा में अहम सवाल उठाया गया। भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से इस क्षेत्र में चल रहे सर्वेक्षण कार्य की प्रगति पर जानकारी मांगी। सांसद विवेक ठाकुर ने इलेक्ट्रिक वाहन, अर्धचालक (सेमीकंडक्टर), नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में दुर्लभ मृदा तत्वों के बढ़ते रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। 

दुर्लभ मृदा तत्वों के संभावित संकेत

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इन खनिजों की घरेलू उपलब्धता बेहद जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से छोटानागपुर पठार क्षेत्र की भूवैज्ञानिक क्षमता का उल्लेख किया। इस क्षेत्र में ग्रेनाइट, पैग्मेटाइट और अभ्रक (माइका) की चट्टानें पाई जाती हैं, जिन्हें दुर्लभ मृदा तत्वों के संभावित संकेतक के रूप में देखा जाता है। नवादा, शेखपुरा, जमुई, नालंदा और गया जिले इसी भू-क्षेत्र का हिस्सा हैं।

सितंबर तक पूरा होगा काम 

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन को बताया कि परमाणु खनिज निदेशालय (Atomic Minerals Directorate- AMD) के तहत नवादा में G-4 स्तर के भूवैज्ञानिक और विकिरणमापी (रेडियोमेट्रिक) सर्वेक्षण कार्य जारी हैं। उन्होंने जानकारी दी कि यह खोज अभियान अगले छह महीनों में, सितंबर-अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है। 

खनिज को मिलेगी मजबूती 

मंत्री के आश्वासन का स्वागत करते हुए सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि समयबद्ध तरीके से सर्वेक्षण पूरा होने पर भारत की खनिज सुरक्षा मजबूत होगी। साथ ही बिहार, विशेषकर नवादा जिले में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते हैं।

नवादा से अमन की रिपोर्ट