अतिक्रमण हटाने के दौरान खुद को आग लगाने लगा युवक, नवादा में जेसीबी के सामने आत्मदाह की कोशिश

युवक ने आरोप लगाया कि जब तक सरकार की ओर से मुआवजा और उचित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वह मौके से नहीं हटेगा। उसने यह भी कहा कि उसकी समस्या नहीं सुनी गई तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होगा।

Nawada Encroachment Drive - फोटो : news4nation

Bihar News : नवादा जिले में कोर्ट के आदेश पर चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान फरहा गांव के पास शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक युवक हाथ में पेट्रोल लेकर मौके पर पहुंच गया। युवक ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और लोगों ने काफी समझा-बुझाकर युवक को शांत कराया।


युवक का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने से पहले उसे न तो उचित नोटिस दिया गया और न ही जमीन का मुआवजा मिला है। उसका कहना है कि वह पिछले करीब तीन वर्षों से लगातार संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगा रहा है और कागजात जमा करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। युवक ने कहा कि जमीन उसकी अपनी है और बिना मुआवजा दिए वह अपना घर नहीं टूटने देगा।


युवक ने आरोप लगाया कि जब तक सरकार की ओर से मुआवजा और उचित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वह मौके से नहीं हटेगा। उसने यह भी कहा कि उसकी समस्या नहीं सुनी गई तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होगा। युवक ने संबंधित कर्मियों और भू-अर्जन पदाधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।


गौरतलब है कि कोर्ट के आदेश के बाद नवादा में NH-20 के आसपास बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। करीब 45 किलोमीटर क्षेत्र में अभियान चलाया जाना है। अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर विरोध और मुआवजे को लेकर लोगों की शिकायतें सामने आ रही हैं।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई परिवारों को पर्याप्त सूचना और मुआवजे को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। वहीं प्रशासन की ओर से नियमानुसार नोटिस देने की बात कही जा रही है। फरहा की घटना ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया, नोटिस और मुआवजे की व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अमन की रिपोर्ट