नवादा में बड़ा पुलिस ऑपरेशन: लोन के नाम पर ठगी करने वाले 10 साइबर अपराधी गिरफ्तार, डेटा शीट बरामद

बिहार के नवादा में पुलिस ने वारिसलीगंज थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 10 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को लोन का झांसा देते थे।

नवादा में 10 साइबर ठग गिरफ्तार।- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada  - नवादा जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्यालय डीएसपी निशु मनीष ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के झौर और गौड़ापार गांवों में छापेमारी कर कुल 10 साइबर अपराधियों को रंगे हाथ पकड़ा गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि झौर ग्राम स्थित एक मुर्गा फार्म के पास अपराधी इकट्ठा होकर देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों के साथ ठगी की योजना बना रहे हैं।

फर्जी फाइनेंस कंपनी के नाम पर होता था खेल

पकड़े गए अपराधियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे बजाज फाइनेंस और रिलायंस फाइनेंस जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के फर्जी कर्मचारी बनकर लोगों को कॉल करते थे। ये अपराधी फेसबुक और अवैध कस्टमर डेटा शीट के माध्यम से लोगों के मोबाइल नंबर जुटाते थे। इसके बाद, कम ब्याज दर और बिना किसी परेशानी के लोन दिलाने का प्रलोभन देकर भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।

विश्वास जीतने के लिए अपनाते थे ये तरीका

ठगी की प्रक्रिया को वास्तविक दिखाने के लिए इनमें से कुछ अपराधी बैंक मैनेजर और कुछ वेरिफिकेशन ऑफिसर बनकर बात करते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति लोन लेने के लिए तैयार होता, ये अपराधी उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की फोटो मांगते थे। दस्तावेज मिलने के बाद, 'प्रोसेसिंग फीस' या 'फाइल चार्ज' के नाम पर ग्राहकों से अपने खातों में मोटी रकम ऐंठ लेते थे।

छापेमारी में मोबाइल और डेटा शीट बरामद

पुलिस की विशेष टीम ने झौर गांव से 5 और गौड़ापार से 6 अभियुक्तों (जिसमें एक किशोर शामिल है) को हिरासत में लिया। इनके पास से कुल 14 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 9 पन्नों की कस्टमर डेटा शीट बरामद की गई है। इस डेटा शीट में सैकड़ों संभावित शिकारों के नाम और नंबर दर्ज थे। पुलिस अब इन मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड्स और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को खंगाल रही है ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

सभी आरोपी भेजे गए न्यायिक हिरासत में

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान रोहित कुमार, शंभू कुमार, फंटुश कुमार, विकास कुमार, रविरंजन, अमर, सुमित, लालू और चंदन के रूप में हुई है। इन सभी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल पर अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें और लोन के लिए हमेशा बैंक की आधिकारिक शाखा से ही संपर्क करें।

Report - aman sinha