UGC नियम 2026 पर बवाल: नवादा में सवर्ण समाज का गुस्सा फूटा, बोले— 'बाटोगे तो सत्ता से बेदखल कर देंगे

UGC के नए नियमों के खिलाफ नवादा में उबाल! स्वर्ण समाज ने बताया 'काला कानून', 30 जनवरी को बड़े आंदोलन और भारत बंद की चेतावनी। कार्यकर्ताओं ने कहा— 'छात्रों को बांट रही है सरकार'।

Nawada - विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा वर्ष 2026 में लागू किए गए 'उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम' का बिहार के नवादा में कड़ा विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वर्ण समाज के लोगों ने इन नियमों को 'काला कानून' करार दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये नियम छात्रों के बीच भेदभाव पैदा करेंगे और सामान्य वर्ग के प्रतिभावान छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का माध्यम बनेंगे। 

नवादा में प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अंशुमान शर्मा ने कहा "UGC का यह काला कानून वापस लो! यह उन छात्रों के लिए भी खतरा है जो यहाँ पढ़कर विदेशों में नाम कमा रहे हैं। छोटे बच्चों से लेकर उच्च शिक्षा तक, हर छात्र को इसके नाम पर तंग किया जाएगा। जब तक UGC इसे वापस नहीं लेता, हम पूरे देश में आंदोलन जारी रखेंगे और सरकार को सत्ता से बेदखल कर देंगे।" 

विभाजनकारी राजनीति का लगाया आरोप

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ 'एक देश, एक विधान' की बात होती है, वहीं दूसरी तरफ जातियों के आधार पर बंटवारा किया जा रहा है। उन्होंने पीएम मोदी और सीएम योगी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार खुद स्वर्ण समाज को विखंडित करने और छात्रों को डराने का काम कर रही है। उनका आरोप है कि इस कानून की आड़ में अच्छे विद्यार्थियों को झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रची जा सकती है। 

30 जनवरी को 'भारत बंद' और बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम

नवादा के युवाओं और सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार ने इन नियमों को वापस नहीं लिया, तो 30 जनवरी को एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस लड़ाई में जरूरत पड़ी तो 'खून भी बहेगा' और 'भारत बंद' जैसी स्थितियों के लिए सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह लड़ाई अब केवल नवादा की नहीं बल्कि पूरे देश के सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य की है। 

पुलिस और प्रशासन अलर्ट

नवादा में बढ़ते तनाव और प्रदर्शन की धमकियों को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई जा रही है ताकि 30 जनवरी के प्रस्तावित आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े।

Report - Aman sinha