खून, डीजल और डिजिटल डकैती: डॉक्टर को बेरहमी से मार कर खाते से उड़ाए पैसे, , जेल में रची गई साजिश के 10 मोहरे गिरफ्तार

ग्रामीण चिकित्सक अशोक मिस्त्री की हुई नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पैसे के लालच और साइबर ठगी के उद्देश्य से की गई इस वारदात में अपराधियों ने न केवल चाकू से गला रेतकर हत्या की, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए शव को दो हिस्सों मे

Nawada - जिले के रोह थाना क्षेत्र के कोशी गांव में हुई ग्रामीण चिकित्सक अशोक मिस्त्री की बर्बर हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसपी अभिनव धीमान ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए बताया कि हत्या का मुख्य मकसद पैसे का लालच और साइबर ठगी से जुड़ा ट्रांजेक्शन था। पुलिस की एसआईटी (SIT) ने कार्रवाई करते हुए अब तक 9 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक किशोर को निरुद्ध किया गया है। 

क्रूरता की हदें पार: हत्या के बाद शव को जलाया

एसपी ने प्रेस वार्ता में बताया कि 22 जनवरी 2026 की रात गोड़ीहारी गांव के चिकित्सक अशोक मिस्त्री अपनी क्लिनिक से घर लौट रहे थे, तभी अपराधियों ने उन्हें अपना निशाना बनाया। अपराधियों ने न केवल चाकू से गला रेतकर उनकी हत्या की, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए शव को दो हिस्सों में काटकर डीजल से जला दिया। अगले दिन 23 जनवरी को कोशी गांव के बधार में उनका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। 

बैंक ट्रांजेक्शन के लिए रची गई साजिश

जांच में यह बात सामने आई कि हत्यारों की नजर मृतक के बैंक खाते में जमा रुपयों पर थी। मुख्य अभियुक्तों ने हत्या के बाद मृतक के मोबाइल का उपयोग कर पैसे ट्रांसफर किए और अन्य सहयोगियों की मदद से उन रुपयों की निकासी की। इस मामले में पुलिस को साइबर ठगी का कनेक्शन भी मिला है, जिस पर गहनता से जांच जारी है। 

मुख्य अभियुक्त और उनकी भूमिका

पुलिस के अनुसार, आलोक राज उर्फ मिथलेश, टिंकू यादव और तबरेज आलम ने इस पूरी वारदात की साजिश रची थी। ये तीनों पिछले साल जेल में साथ थे और वहीं से उनकी जान-पहचान हुई थी। 22 जनवरी की रात टिंकू, आलोक और एक किशोर ने वारदात को अंजाम दिया, जबकि अन्य सहयोगियों ने मोबाइल से पैसे निकालने और साक्ष्य छुपाने में मदद की। 

गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची

गिरफ्तार किए गए लोगों में नवादा के स्थानीय अपराधियों के साथ-साथ पंजाब के मोगा जिले के अपराधी भी शामिल हैं:

  • नवादा से: मो. तबरेज आलम, प्रदुम कुमार, रोहित कुमार, शिवम कुमार, आदर्श कुमार उर्फ चाटो, और मुख्य आरोपी आलोक राज उर्फ मिथलेश।

  • पंजाब (मोगा) से: रिकी पटेल, दिपु उर्फ दीपक कुमार, और रजनीश सिंह उर्फ सेठी।

  • पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

सदर एसडीपीओ हुलास कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से अपराधियों तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। पुलिस ने अपराधियों के पास से मृतक का बैग और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि मुख्य आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।

Report - aman sinha