Bihar News: नवादा में फिर गांव की ओर आया जंगली हाथी, दहशत में गांव के लोग
Bihar News: नवादा के गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब जंगली हाथी जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया....
Bihar News: नवादा के गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब जंगली हाथी जंगल से निकलकर सरकंडा पंचायत के महाबरा गांव के आसपास पहुंच गया। आबादी के करीब विशालकाय हाथी को विचरण करते देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी और गांव में भय का माहौल बन गया।
हाथी के आबादी वाले इलाके के नजदीक पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाई। लोग हाथी के बेहद करीब जाने या उसे चारों तरफ से घेरने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रहे। सामूहिक प्रयास से ग्रामीणों ने धीरे-धीरे हाथी को गांव से दूर जंगल की ओर खदेड़ दिया। इस दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।स्थानीय लोगों के मुताबिक गोविंदपुर प्रखंड के जंगल से सटे इलाकों में जंगली हाथियों की आवाजाही कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी हाथियों के झुंड इस इलाके में पहुंचते रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के हमले में क्षेत्र में दो लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा कई बार हाथियों ने घरों को नुकसान पहुंचाया है और खेतों में खड़ी फसलों को रौंदकर किसानों को आर्थिक नुकसान भी पहुंचाया है।
महाबरा गांव के पास हाथी के पहुंचने की घटना ने पुराने खौफ को एक बार फिर जिंदा कर दिया है। ग्रामीणों को आशंका है कि जंगल से सटे गांवों में हाथियों की लगातार आवाजाही कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। खासकर रात के समय खेतों और जंगल के आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और जंगल से सटे आबादी वाले इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। साथ ही हाथियों के गांवों की ओर आने की स्थिति में उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर भेजने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए।
ग्रामीणों की सूझबूझ से इस बार बड़ा हादसा टल गया। अगर हाथी को घेरने या उसके बेहद करीब जाने की कोशिश की जाती तो स्थिति खतरनाक हो सकती थी। फिलहाल हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया गया है, लेकिन उसकी दोबारा वापसी की आशंका के चलते गांव में दहशत कायम है।अब ग्रामीणों की निगाह वन विभाग की कार्रवाई पर है। लोगों का कहना है कि समय रहते निगरानी और सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो जंगल से सटे इलाकों में इंसान और हाथी के बीच टकराव का खतरा लगातार बना रहेगा।
रिपोर्ट- अमन कुमार