पटना में डॉक्टर से 10 लाख की रंगदारी: जक्कनपुर में बदमाशों ने फोन पर दी जान से मारने की धमकी
डॉक्टर अभिषेक कुमार सिंह को यह धमकी भरा कॉल एक अज्ञात नंबर से आया। फोन करने वाले बदमाशों ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि 10 लाख रुपये का इंतजाम नहीं हुआ, तो उन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ सकता है।
बिहार की राजधानी पटना में अपराधियों के हौसले पस्त होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला जक्कनपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक जाने-माने डॉक्टर अभिषेक कुमार सिंह को अपराधियों ने अपना निशाना बनाया है। बदमाशों ने डॉक्टर को फोन कर 10 लाख रुपये की मोटी रंगदारी मांगी है। इस घटना के बाद से डॉक्टर का परिवार और स्थानीय चिकित्सा जगत गहरे खौफ में है।
फोन पर दी गई चेतावनी, न देने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी
डॉक्टर अभिषेक कुमार सिंह को यह धमकी भरा कॉल एक अज्ञात नंबर से आया। फोन करने वाले बदमाशों ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि 10 लाख रुपये का इंतजाम नहीं हुआ, तो उन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ सकता है। अपराधियों ने डॉक्टर को गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी देते हुए जल्द से जल्द पैसे पहुंचाने का अल्टीमेटम दिया है। इस कॉल के बाद डॉक्टर ने तुरंत सुरक्षा की गुहार लगाई है।
जक्कनपुर थाना में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत
धमकी भरे कॉल से विचलित हुए बिना डॉक्टर अभिषेक कुमार सिंह ने कानून का सहारा लिया है। उन्होंने पटना के जक्कनपुर थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पीड़ित डॉक्टर ने पुलिस को वह मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया है, जिससे उन्हें धमकी मिली थी।
कॉल डिटेल और लोकेशन खंगालने में जुटी पुलिस
शिकायत मिलने के बाद पटना पुलिस की टेक्निकल टीम और जक्कनपुर पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस की विशेष टीम उस नंबर की कॉल डिटेल (CDR) और लोकेशन खंगाल रही है, जिसके जरिए रंगदारी मांगी गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कॉल शहर के भीतर से ही की गई है या इसके तार किसी जेल या बाहरी गिरोह से जुड़े हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू
जक्कनपुर पुलिस का कहना है कि अपराधियों की पहचान लगभग तय कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने डॉक्टर को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है और कहा है कि जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। इस घटना ने एक बार फिर पटना में व्यवसायियों और पेशेवरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।