Bihar Weather: बिहार में बारिश-बिजली से 11 मौतें, उमस और लू ने बढ़ाई मुसीबत,ठनके का कहर, गर्मी का सितम

Bihar Weather: विभिन्न जिलों में ठनका, तेज बारिश और हादसों की चपेट में आने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।...

बिहार में बारिश-बिजली से 11 मौतें- फोटो : social Media

Bihar Weather: बिहार में मौसम का मिज़ाज लगातार खतरनाक होता जा रहा है। एक तरफ भीषण गर्मी और उमस लोगों का जीना मुहाल किए हुए है, तो दूसरी तरफ आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली कहर बनकर टूट रही है। मंगलवार को सूबे के विभिन्न जिलों में ठनका, तेज बारिश और हादसों की चपेट में आने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस त्रासदी ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।मौसम विभाग ने हालात की गंभीरता को देखते हुए लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त पानी पीने और तेज धूप से बचने की हिदायत दी है। बढ़ती गर्मी के मद्देनजर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए आठवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को 27 जून तक बंद रखने का आदेश जारी किया है।

मंगलवार शाम दिनभर की तपिश के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश शुरू हो गई। लेकिन राहत लेकर आई यह बारिश कई इलाकों में आफत भी बन गई। भागलपुर में सबसे अधिक पांच लोगों की जान गई, जबकि बांका में तीन लोगों की मौत हुई। कटिहार, मुंगेर और बेगूसराय में भी एक-एक व्यक्ति की जान चली गई।

भागलपुर के पीरपैंती क्षेत्र में लाल मोहर यादव और मूलो मंडल मवेशी चरा रहे थे, तभी आकाशीय बिजली गिरने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। खरीक के खैरपुर निवासी सुधीर यादव भी ठनके की चपेट में आ गए। बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र में विष्णुपुर गांव निवासी सौरभ कुमार उर्फ रामटहल की बिजली गिरने से मौत हो गई। मुंगेर के ऋषिकुंड इलाके में भी सुमन नामक युवक की जान आकाशीय बिजली ने ले ली।

इधर भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर बारिश के दौरान एक पोल गिर जाने से दूध विक्रेता की मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने तिलकामांझी सराय मुख्य मार्ग को करीब दो घंटे तक जाम कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।

मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों तक गर्मी और उमस का असर जारी रह सकता है। हालांकि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं के प्रभाव में वृद्धि होने के कारण 48 से 72 घंटे के भीतर कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसूनी सिस्टम सक्रिय हुआ तो लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल बिहार के लोग गर्मी, उमस और ठनके के दोहरे कहर से जूझ रहे हैं।