बिहार में 2,554 कृषि फीडरों का होगा सोलराइजेशन, 2,585 मेगावाट के लगेंगे सोलर प्लांट, कैबिनेट ने बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 के प्रारूप को दी मंजूरी

Bihar News : बिहार सरकार ने राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और किसानों को दिन में निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।

कृषि फीडरों का सोलराइजेशन- फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार सरकार ने किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 2,554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत 2,585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे। योजना के लिए 2,714.25 करोड़ रुपए के अनुदान की जरूरत होगी। 946 विद्युत उपकेंद्रों में योजना लागू करने पर ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन के लिए 47.30 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इस तरह कुल 2,761.55 करोड़ रुपए के अनुदान को मंजूरी दी गई है। वहीं बिहार में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 

निवेश का लक्ष्य

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। नीति के तहत राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन और इसके डेरिवेटिव के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ करीब 16 हजार करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे करीब 12 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। जिससे बिहार को ग्रीन हाइड्रोजन और इसके डेरिवेटिव के उत्पादन, खपत और विकास के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके। इस नीति के क्रियान्वयन राज्य की संबंधित नोडल एजेंसी ब्रेडा के माध्यम से किया जाएगा। राज्य वित्तीय सहायता का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण अथवा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अन्य उपयुक्त प्रक्रिया के माध्यम से किया जा सकेगा। इस नीति में राज्य सरकार द्वारा वित्तीय प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए कुल अनुमानित वित्तीय प्रोत्साहन राशि 1040.25 करोड़ रूपये आकलित की गयी है।

कैमूर-रोहतास में 21,644 घरों का होगा विद्युतीकरण

कैबिनेट ने साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के क्षेत्र के कैमूर और रोहतास जिलों की 177 बसावटों (132 गांवों) के 21,644 घरों को ग्रिड से बिजली उपलब्ध कराने के लिए RDSS के तहत संशोधित योजना को भी मंजूरी दी। योजना की संशोधित लागत 351.85 करोड़ रुपए है। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 से बिहार में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे। सरकार का लक्ष्य बिहार को ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन और उपयोग का प्रमुख केंद्र बनाना है। कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को दिन के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के साथ सिंचाई की लागत कम करने और कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा

ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, BSPHCL अजय यादव (भा. प्र. से.) ने कहा कि नीति से ग्रीन एनर्जी आधारित औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। वहीं, कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को लाभ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।