Bihar News: सामूहिक अवकाश पर जाएंगे बिहार के BDO! सरकार के सामने बढ़ी चुनौती

Bihar News: बिहार में ग्रामीण विकास सेवा संघ (BDO संघ) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। ..

Bihar News: बिहार में ग्रामीण विकास सेवा संघ (BDO संघ) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। 3 सितंबर 2026 को संघ द्वारा जारी पत्र के अनुसार, राज्य के 36 जिलों से सामूहिक अवकाश पर जाने के लिए पदाधिकारियों की सहमति प्राप्त हो चुकी है।संघ ने कुल 608 पदाधिकारियों से राय मांगी थी, जिसमें से 577 पदाधिकारियों ने सामूहिक अवकाश के पक्ष में अपनी सहमति दर्ज कराई है:

पद का नाम                                                         कुल सर्वेक्षित अधिकारी                  सामूहिक अवकाश पर सहमति

BDO (प्रखंड विकास पदाधिकारी)                                 464                                                  447

Director / DDO                                                          40                                                     35

RDO                                                                            47                                                      40

EM                                                                              37                                                        37

APO                                                                            20                                                          18

कुल योग                                                                     608                                                            577

7 सितंबर 2026 को  ग्रामीण विकास विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग और संबंधित जिला अधिकारियों  को निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से सामूहिक अवकाश की औपचारिक सूचना दी जाएगी।सूचना सौंपने के बाद विभाग को मांगों पर कार्रवाई के लिए 10 दिन का समय दिया जाएगा। विभाग को दी गई 10 दिनों की मोहलत की अवधि समाप्त होगी।मांगों पर सहमति न बनने की स्थिति में पदाधिकारी सामूहिक अवकाश पर जा सकते हैं।

यदि ग्रामीण विकास सेवा के 500 से अधिक अधिकारी एक साथ सामूहिक अवकाश पर जाते हैं, तो प्रखंड और जिला स्तर पर ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएं, मैदानी समीक्षाएं और प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ठप होने की आशंका है।संघ का कहना है कि लंबित मांगों को लेकर वर्षों से प्रयास किए जाते रहे हैं, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद सामूहिक अवकाश का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया गया है। संगठन ने सदस्यों से एकजुट रहने और सामूहिक फैसले के साथ खड़े रहने की अपील की है।

अगर संघ अपने फैसले पर कायम रहता है और बड़ी संख्या में ग्रामीण विकास सेवा के पदाधिकारी सामूहिक अवकाश पर चले जाते हैं, तो इसका असर प्रखंड और जिला स्तर के ग्रामीण विकास कार्यों पर पड़ सकता है। विकास योजनाओं से जुड़े प्रशासनिक काम, योजनाओं की निगरानी और मैदानी स्तर की गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।अब निगाहें सरकार और ग्रामीण विकास विभाग के अगले कदम पर हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि 21 सितंबर से पहले क्या सरकार संघ की मांगों पर कोई ठोस पहल करती है या बिहार में ग्रामीण विकास सेवा के सैकड़ों पदाधिकारी सामूहिक अवकाश के जरिए आंदोलन का बिगुल बजाएंगे।