पटना कमिश्नर की पत्नी का इलाज करने नशे में पहुंचा डॉक्टर! DM के आदेश पर गिरी गाज

पटना कमिश्नर की पत्नी का इलाज करने पहुंचे रोहतास सदर अस्पताल के डॉक्टर असित रंजन पर शराब के नशे में होने का आरोप लगा है. शिकायत के बाद डीएम के निर्देश पर सिविल सर्जन ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है.फिलहाल डॉक्टर ने इन आरोपों को निराधार बताया

पटना कमिश्नर की पत्नी का इलाज करने नशे में पहुंचा डॉक्टर- फोटो : news 4 nation AI

बिहार के रोहतास जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पटना कमिश्नर की पत्नी का इलाज करने पहुंचे एक सरकारी डॉक्टर पर शराब के नशे में होने का गंभीर आरोप लगा है। घटना उस समय की है जब कमिश्नर की पत्नी अपनी माता जी के साथ प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी धाम के दर्शन कर लौट रही थीं। पहाड़ी रास्ते में उनके पैर में कांटा चुभ गया, जिसके प्राथमिक उपचार के लिए सदर अस्पताल के कार्यकारी उपाधीक्षक डॉ. असित रंजन को बुलाया गया। आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर के व्यवहार और बातचीत से उनके नशे में होने का संदेह हुआ।

डीएम का सख्त रुख और सिविल सर्जन की कार्रवाई

कमिश्नर की पत्नी द्वारा संदेह जताए जाने के बाद मामले की जानकारी तुरंत जिला प्रशासन को दी गई। जिलाधिकारी (DM) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। डीएम के निर्देश पर सिविल सर्जन ने डॉ. असित रंजन को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया है। प्रशासन ने डॉक्टर के इस कृत्य को अनुशासनहीनता और पद के दुरुपयोग की श्रेणी में रखते हुए सख्त रुख अपनाया है, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

जांच के बीच चकमा देकर फरार हुए आरोपी डॉक्टर

सूत्रों के अनुसार, जब डॉक्टर को जांच के लिए सिविल सर्जन कार्यालय बुलाया गया, तो वहां एक और ड्रामा देखने को मिला। आरोपी डॉक्टर कुछ देर तक कार्यालय में मौजूद रहे, लेकिन जैसे ही शराब सेवन की पुष्टि के लिए सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी, वे किसी बहाने से बाहर निकले और अपनी कार से रफूचक्कर हो गए। बताया जा रहा है कि संबंधित डॉक्टर का विवादों से पुराना नाता रहा है और पूर्व में भी उन पर ड्यूटी के दौरान शराब पीने के आरोप में कार्रवाई हो चुकी है।

डॉक्टर की सफाई और विभागीय जांच जारी

दूसरी ओर, आरोपी डॉक्टर असित रंजन ने खुद पर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनकी दलील है कि इलाज के वक्त वे अपनी ड्यूटी पर तैनात थे और सैंपल टीम के समय पर न पहुंचने के कारण वे वहां से चले गए थे। फिलहाल, सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया है कि डॉक्टर से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो स्वास्थ्य विभाग के नियमों के तहत कड़ी विभागीय कार्रवाई और बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।