Bihar News : जेपी गंगा पथ पर 387 करोड़ की लागत से बन रहा मनोरम पार्क, सितंबर तक पटनावासियों को मिलेगा नया रिवरफ्रंट
Bihar News : पटना के जेपी गंगा पथ (मेरिन ड्राइव) को एक नया, हरा-भरा और मनोरम रूप देने की कवायद अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस प्रोजेक्ट पर 387 करोड़ रूपये खर्च किये जा रहे हैं......पढ़िए आगे
PATNA : बिहार सरकार की पहल पर पटना के नवनिर्मित रिवरफ्रंट जेपी पथ को एक नया और मनोरम रूप देने का कार्य अंतिम चरण में चल है। इसके इस वर्ष सितंबर अंत तक तैयार होने की संभावना है। जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना (फेज-1) का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। पथ निर्माण विभाग की ओर से संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का निर्माण कार्य 25 सितंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि योजना का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी के किनारे को हरा-भरा बनाना और शहरवासियों को विश्वस्तरीय सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना है।
समग्र उद्यान परियोजना पटना शहर अंतर्गत जेपी गंगा पथ के दोनों तरफ दीघा से गांधी मैदान के बीच लगभग 6 किलोमीटर की लंबाई में विकसित की जा रही है। राज्य सरकार की ओर से परियोजना के तहत फेज-1 के निर्माण कार्यों के लिए 387.40 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। वर्तमान में चिन्हित क्षेत्र में निर्माण का कार्य प्रगति पर है।
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल बताते हैं कि परियोजना के लागू होने के बाद गंगा तट इलाके का सौंदर्यीकरण बढ़ेगा। आधुनिक लैंडस्केपिंग, आकर्षक लाइटिंग और पौधरोपण के जरिए गंगा किनारे के दृश्य को मनमोहक और सुंदर बनाया जा रहा है। साथ ही वॉकिंग एवं साइकिलिंग ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है ताकि स्वास्थ्य और फिटनेस प्रेमियों को इसका पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि समग्र उद्यान परियोजना में आधुनिक हरित सार्वजनिक स्थल बनाए जा रहे हैं। यहां शहरी लोगों को पूरे परिवार के साथ, अकेले या फिर बुजुर्गों के बैठने, टहलने और बच्चों के मनोरंजन के लिए हरित पार्क, शेड्स का विकास किया जाएगा।
सचिव पाल के अनुसार, समग्र उद्यान परियोजना का कार्य पूरा होने के बाद दीघा से गांधी मैदान के बीच गंगा तट का स्थल न केवल पटना वासियों, बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र (हॉटस्पॉट) होगा। हरित पटना-सुंदर गंगा तट-आधुनिक सार्वजनिक स्थल की सोच के साथ तैयार हो रही यह परियोजना पूरी होने के बाद पटना में पर्यावरण संतुलन और रिवरफ्रंट टूरिज्म को एक नया आयाम देगी।