Bihar Diwas 2026 : बिहार दिवस में दिखेगी इको टूरिज्म की खास झलक, एक ही जगह दिखेगा जंगल और झरने
Bihar Diwas 2026 : इस बार बिहार दिवस में इको टूरिज्म की खास झलक देखने को मिलेगी. इसमें एक ही जगह पर जंगल और झरना देखने को मिलेगा......पढ़िए आगे
PATNA : इस बार के बिहार दिवस में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उदेश्य से बेहद खास है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से खास तरह के स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इस स्टॉल को खासतौर से जंगल थीम पर तैयार किया गया है। प्रवेश द्वार पर पहाड़नुमा आकृति बनाई गई है, जिससे अंदर प्रवेश करते ही लोगों को जंगल जैसा अनुभव होगा। पूरे परिसर को हरियाली, पेड़-पौधों, वन्य जीवों और प्राकृतिक वातावरण के मॉडल से सजाया गया है, जो लोगों को प्रकृति के करीब होने का एहसास कराएगा।
इस प्रदर्शनी में बिहार के विभिन्न ईको टूरिज्म स्थलों का समेकित रूप प्रस्तुत किया गया है। अलग-अलग मॉडलों के माध्यम से राज्य के पहाड़, जंगल, झरने और प्राकृतिक स्थलों की झलक एक ही स्थान पर देखने को मिल रही है। यह मॉडल न केवल लोगों को पर्यटन स्थलों की जानकारी दे रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं।
प्रदर्शनी में कई जागरूकता आधारित मॉडल भी प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें वायु प्रदूषण मुक्त बिहार, जल-जीवन-हरियाली मिशन और प्लास्टिक बैन से संबंधित मॉडल प्रमुख हैं। वायु प्रदूषण मुक्त बिहार के मॉडल में हरियाली, स्वच्छ वातावरण और प्रदूषण रहित परिवहन के साधनों को दर्शाया गया है। वहीं जल-जीवन-हरियाली मिशन के मॉडल में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पौधारोपण को दिखाया गया है। प्लास्टिक बैन मॉडल के माध्यम से लोगों को कपड़े और जूट के थैलों का उपयोग करने तथा प्लास्टिक का उपयोग बंद करने का संदेश दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से लोगों को हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। नाटक के जरिए कलाकार पेड़-पौधों की महत्ता, जल संरक्षण और प्लास्टिक के दुष्प्रभाव को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करेंगे। इस तरह के आयोजन का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने तथा प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित करना है।