विधान परिषद में अब्दुल बारी सिद्दीकी और बिजेंद्र यादव में शेरो-शायरी से भिड़ंत, राजद के सुनील सिंह को बता दिया 'जयचंद'

सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अप्रत्यक्ष तंज कसते हुए राज्य की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए। इसी दौरान विजेंद्र यादव ने मोर्चा खोला और शायराना तंज दिखा.

Abdul Bari Siddiqui and Bijendra Yadav- फोटो : news4nation

Bihar Vidhan Parishad : बिहार विधान परिषद में बुधवार को सामान्य वाद-विवाद के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शायराना अंदाज में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी और वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव के बीच बहस का केंद्र राज्य की विकास स्थिति और पूर्व सरकारों का कार्यकाल रहा।


सिद्दीकी के तंज, नीतीश सरकार पर निशाना

बहस के दौरान सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अप्रत्यक्ष तंज कसते हुए राज्य की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट ने राज्य की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है और यह विपक्ष का आंकड़ा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा की हालत ऐसी है कि “कक्षा 5 का छात्र कक्षा 4 की किताब नहीं पढ़ पा रहा है।” साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। सिद्दीकी ने वित्त मंत्री से अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि “पिता जी के जमाने से रिश्ता है, काबिल वित्त मंत्री हैं, लेकिन इतना छोटा बजट था कि पांच मिनट में समाप्त हो गया।”


बिजेंद्र यादव का पलटवार

जवाब में बिजेंद्र यादव ने पूर्व राजद सरकार पर निशाना साधते हुए चारा घोटाला का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार के विभाजन के बाद कहा जाता था कि यहां “आलू, बालू और लालू” ही रह गए हैं, लेकिन आज सड़कों का जाल बिछा है, बिजली व्यवस्था बेहतर हुई है और हर क्षेत्र में विकास दिख रहा है। उन्होंने कहा कि घोटालों के कारण पूर्व में मुख्यमंत्री तक को जेल जाना पड़ा था।


शेरो-शायरी और गीत से जवाब

बहस के दौरान सिद्दीकी ने शायराना अंदाज में वित्त मंत्री पर तंज कसते हुए कहा—

“दिल के अरमां आंसुओं में बह गए,

हम वफा करके भी तन्हा रह गए…”


इस पर उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने मुस्कुराते हुए गीत गाकर जवाब दिया—

“शायद उनका आखिरी हो ये सितम,

हर सितम ये सोचकर हम रह गए…”


उनकी प्रस्तुति पर सदन में ठहाके गूंज उठे। आसन पर बैठे राम वचन राय ने टिप्पणी की कि यह दो मित्रों के बीच का संवाद है।


जयचंद हैं सुनील सिंह ! 

इस बीच राजद एमएलसी सुनील सिंह ने भी वित्त मंत्री पर कटाक्ष किया, जिस पर जदयू के एमएलसी संजय सिंह ने सुनील सिंह को “जयचंद” कहकर तंज कसा। दरअसल, हाल में तेज प्रताप यादव ने कुछ नेताओं को “जयचंद” कहा था, उसी संदर्भ का उल्लेख किया गया। वाद-विवाद के दौरान सिद्दीकी ने “ज्ञान, ईमान, विज्ञान, सम्मान और नैतिकता” जैसे शब्दों का उल्लेख करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। 


कुल मिलाकर, सामान्य चर्चा के दौरान शेरो-शायरी और राजनीतिक कटाक्षों से भरी बहस ने सदन का माहौल गर्माए रखा, वहीं सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे राजनीतिक मतभेद भी खुलकर सामने आए।

वंदना की रिपोर्ट