Bihar News : बिहार में किसानों की डिजिटल पहचान शुरू, कृषि मंत्री बोले- 'फार्मर रजिस्ट्री' से बिचौलियों का खेल होगा खत्म, सीधे मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

Bihar News : कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा की फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों को सीधे बैंक खाते में योजनाओं का लाभ मिलेगा.....पढ़िए आगे

किसानों को फायदा - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA :  राजधानी पटना में कृषि विभाग द्वारा 'फार्मर रजिस्ट्री: किसानों की डिजिटल पहचान' कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। यह विशेष अभियान 12 मई से 30 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों का एक सटीक डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है, जिससे उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के सीधे प्राप्त हो सके। यह सुविधा हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराई गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम में बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, कृषि निदेशक जय सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव नर्मदेश्वर लाल, कृषि विभाग के प्रधान सचिव विजेंद्र यादव और विशेष सचिव अभिषेक कुमार सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई किसानों को सम्मानित भी किया गया।

86 लाख लंबित मामलों के समाधान का लक्ष्य

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार जमीन म्यूटेशन और परिमार्जन जैसी लंबे समय से लंबित समस्याओं को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के लिए बिहार सरकार को 250 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। सरकार ने 86 लाख लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का लक्ष्य रखा है, ताकि किसानों को उनके अधिकारों का पूरा लाभ मिल सके।

डिजिटल डेटाबेस और टोल-फ्री नंबर की सुविधा

मंत्री ने स्पष्ट किया कि 'फार्मर रजिस्ट्री' के माध्यम से बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। किसानों की सहायता के लिए एक टोल-फ्री नंबर भी जारी किया गया है, जिसके जरिए पंजीकरण और अन्य तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस योजना को लेकर 55 प्रतिशत किसानों में उत्साह का माहौल है। उन्होंने यह भी कहा कि जून तक इस अभियान की सफलता के बाद किसानों के कार्यों में अभूतपूर्व सुगमता आएगी।

जमीन रजिस्ट्री में नहीं होगी परेशानी: मुख्य सचिव

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने किसानों से इस रजिस्ट्री को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसान 'फार्मर रजिस्ट्री' प्रक्रिया को पूरा कर लेते हैं, तो उन्हें भविष्य में जमीन की रजिस्ट्री या उससे जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य एक पारदर्शी व्यवस्था कायम करना है जहाँ किसान का हित सर्वोपरि हो। 

वंदना की रिपोर्ट