पटना में फिर सक्रिय हुआ एटीएम ठग गिरोह : जक्कनपुर में रंगे हाथ पकड़े गए 4 शातिर, फेवीक्विक लगा कार्ड और चाकू बरामद
राजधानी पटना में एकबार फिर एटीएम ठग गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से इस गिरोह के नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है....
Patna : राजधानी पटना में एटीएम के जरिए भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाने वाला ठग गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गया है। हालांकि, जक्कनपुर थाना पुलिस और स्थानीय लोगों की सतर्कता से इस गिरोह के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने एटीएम मशीन में हेराफेरी कर ठगी की घटना को अंजाम देने वाले चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।
स्थानीय लोगों ने रंगे हाथ दबोचा, फिर खुली पूरी पोल
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि जक्कनपुर थाना क्षेत्र स्थित एक एटीएम बूथ में गिरोह का एक सदस्य मशीन के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखकर मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों को शक हुआ। लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया और तुरंत जक्कनपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
निशानदेही पर तीन और साथी गिरफ्तार, सामान बरामद
पुलिस ने जब पकड़े गए आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसकी निशानदेही पर गिरोह के तीन अन्य साथियों को भी त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी लेने पर पुलिस ने उनके पास से एक महंगा एंड्रॉयड मोबाइल, 3 कीपैड मोबाइल, एक धारदार चाकू और विशेष रूप से तैयार किया गया फेवीक्विक लगा हुआ एटीएम कार्ड बरामद किया है।
कार्ड क्लोनिंग और मशीन में चिप लगाकर करते थे ठगी
शुरुआती जांच और पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से ठगी को अंजाम देता था। आरोपी एटीएम मशीन में फेवीक्विक या अन्य चिप लगाकर कार्ड को फंसा देते थे और मदद के बहाने कार्ड का पिन जान लेते थे। इसके अलावा गिरोह के सदस्य एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर लोगों के खातों से गाढ़ी कमाई उड़ाने का काम करते थे।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की छापेमारी
जक्कनपुर थाना पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन लोगों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। अनिल की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अब इस गिरोह के तार कहां-कहां से जुड़े हैं और इसमें कौन-कौन शामिल हैं, इसका पता लगाने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
अनिल की रिपोर्ट