काशी विश्वनाथ की तर्ज पर विकसित होगा बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर, कैबिनेट ने 680 करोड़ रूपये की दी मंजूरी, भाजपा नेता ओम कुमार सिंह ने सीएम और डिप्टी सीएम का जताया आभार
SONPUR : सोनपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बाबा हरिहरनाथ मंदिर के विकास और विस्तार का मार्ग प्रशस्त हो गया है। बिहार कैबिनेट द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर कॉरिडोर निर्माण और सौंदर्यीकरण हेतु 680 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति मिलने के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। इस ऐतिहासिक निर्णय को सोनपुर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने वाला कदम माना जा रहा है।
ओम कुमार सिंह ने जताया आभार
भाजपा नेता ओम कुमार सिंह, जो पिछले कई वर्षों से प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मंदिर के कायाकल्प की माँग कर रहे थे, ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी को साधुवाद देते हुए कहा कि उनकी तपस्या और निरंतर पत्राचार का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। सिंह ने बताया कि इस कॉरिडोर के बनने से न केवल मंदिर की भव्यता बढ़ेगी, बल्कि यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा सोनपुर
भाजपा नेता ने कहा कि सोनपुर का हरिहरनाथ क्षेत्र पौराणिक और ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। कैबिनेट की इस मुहर के बाद मंदिर परिसर का विस्तार होगा, जिससे विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेले के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। इस परियोजना से स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार होगा।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
कॉरिडोर निर्माण के तहत मंदिर के चारों ओर सड़कों का चौड़ीकरण, गंगा-गंडक संगम तट का विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। ओम कुमार सिंह के अनुसार, यह घोषणा बिहार के सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस प्रकार वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, वैसा ही असर सोनपुर में भी देखने को मिलेगा।
सांस्कृतिक गौरव की पुनर्स्थापना
680 करोड़ रुपये की इस भारी-भरकम राशि से हरिहरनाथ क्षेत्र का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग अब जल्द ही इस योजना का विस्तृत खाका तैयार कर धरातल पर काम शुरू करेंगे। भाजपा नेता ने इसे मुख्यमंत्री और सरकार द्वारा बिहार की धार्मिक विरासत को संजोने की दिशा में एक ऐतिहासिक तोहफा करार दिया है।