बांकीपुर उपचुनाव रिजल्ट : पीएम मोदी के 'बॉस' की सीट पर पीके का जलवा, ध्वस्त हो जाएगा बीजेपी का किला, भाजपा इतने वोटों से हारी
बांकीपुर सीट पर वर्ष 2006 से नितिन नवीन विधायक थे। उनके भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राज्यसभा सदस्य बनाया गया जिस कारण यह सीट रिक्त हुई और उपचुनाव हुआ। नरेंद्र मोदी ने नितिन नवीन को अपना 'बॉस' कहा था अब बॉस के इलाके में भाजपा हार रही है
Bankipur Bypoll Results : पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर जारी मतगणना अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। 25वें राउंड की गिनती पूरी होने तक जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा पर 14,953 मतों की उल्लेखनीय बढ़त बना ली है। ताजा रुझानों के अनुसार प्रशांत किशोर को 50,976 वोट, जबकि नीरज सिन्हा को 36,023 वोट मिले हैं। अभी कुल 31 राउंड की मतगणना होनी है। ऐसे में अब यह तय हो गया है की भाजपा इस सीट पर हार रही है। यहाँ तक कि जनसुराज के लोगों ने जीत का जश्न भी मनाना शुरू कर दिया है।
मतगणना के दौरान लगातार बढ़ती बढ़त ने बांकीपुर के चुनावी मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। वर्ष 1995 से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर जन सुराज की बढ़त ने राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। शुरुआती राउंड से ही बढ़त बनाए हुए प्रशांत किशोर हर चरण के साथ अपनी स्थिति और मजबूत करते नजर आ रहे हैं। 'स्कूल बैग' चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर लगातार बढ़त हासिल कर रहे हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा दूसरे स्थान पर बने हुए हैं, लेकिन दोनों के बीच बढ़ता अंतर पीके के लिए निर्णायक बढ़त दे चुका है जहाँ से भाजपा के लिए यह मुश्किल करता दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता तीसरे स्थान पर चल रही हैं और मुकाबले में काफी पीछे हैं।
बांकीपुर सीट पर वर्ष 2006 से नितिन नवीन विधायक थे। उनके भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राज्यसभा सदस्य बनाया गया जिस कारण यह सीट रिक्त हुई और उपचुनाव हुआ। भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष बनने के कारण ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नवीन को अपना 'बॉस' कहा था लेकिन अब पीएम मोदी के बॉस के इलाके में ही भाजपा को बुरी हार का सामना करना पड़ रहा है।
करीब 1.30 लाख मतों वाले इस हाई-प्रोफाइल उपचुनाव में कुल 25 उम्मीदवार मैदान में हैं, हालांकि मुख्य मुकाबला जन सुराज, भाजपा और राजद के बीच ही सिमटा हुआ है। मतगणना के हर राउंड के साथ बदलते आंकड़े इस चुनाव को सिर्फ एक विधानसभा सीट का मुकाबला नहीं, बल्कि बिहार की राजनीतिक दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण चुनाव के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
बांकीपुर विधानसभा सीट वर्षों से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। ऐसे में यदि अंतिम परिणाम में यह सीट भाजपा के हाथ से निकलती है, तो इसे पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। वहीं पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर के लिए यह प्रदर्शन उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता और जनाधार के विस्तार का अहम संकेत माना जा रहा है।
अब सभी की निगाहें शेष छह राउंड की मतगणना पर टिकी हैं, जिनके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि बांकीपुर की जनता ने अपना नया जनप्रतिनिधि किसे चुना है।