रोजी-रोटी की तलाश बनी मौत का सबब - रोजगार के लिए गए दूसरे राज्य गए मजदूर की संदिग्ध मौत, ठेकेदार के खिलाफ फूटा आक्रोश

Bettiah  -: पश्चिम चम्पारण के श्रीनगर थाना क्षेत्र में एक मजदूर की संदिग्ध मौत के बाद जबरदस्त उबाल देखा जा रहा है। तीन महीने पहले मजदूरी के लिए उत्तर प्रदेश के पीलीभीत ले जाए गए रमेश मांझी का शव जब वापस गांव पहुँचा, तो परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए बेतिया-पटजिरवा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार किया और अब भी दो मजदूर वहां बंधक हैं। प्रशासन मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है।

मजदूरी के बहाने मौत के जाल में फंसा मजदूर 

पश्चिम चम्पारण के श्रीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत निमोनिया गांव के निवासी रमेश मांझी के लिए तीन महीने पहले रोजी-रोटी की तलाश मौत के पैगाम में बदल गई। गांव के ही पास के एक ठेकेदार ने उसे बेहतर मजदूरी का झांसा देकर उत्तर प्रदेश के पीलीभीत स्थित मझोला ले गया था। परिजनों का कहना है कि रमेश वहां मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का सहारा बनना चाहता था, लेकिन वहां उसके साथ जो हुआ उसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

संदिग्ध मौत के बाद बेतिया में फूटा गुस्सा 

रमेश मांझी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर जैसे ही गांव पहुँची, मातम पसर गया। शुक्रवार को जब उसका शव बेतिया लाया गया, तो परिजनों और ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित लोगों ने बेतिया–पटजिरवा मुख्य मार्ग पर शव को बीच सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की गई, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

दो अन्य मजदूरों को बंधक बनाने का गंभीर आरोप 

प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि रमेश के साथ गांव के दो अन्य मजदूर, धर्मेंद्र मांझी और अरुण मांझी भी काम करने गए थे। परिजनों का दावा है कि रमेश की मौत अमानवीय व्यवहार और प्रताड़ना के कारण हुई है, जबकि धर्मेंद्र और अरुण को अब भी पीलीभीत में बंधक बनाकर रखा गया है। उनकी सुरक्षित रिहाई के लिए ग्रामीण प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।

दोषियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण 

आक्रोशित भीड़ ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग है कि दोषी ठेकेदार को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, पीड़ित परिवार को उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए और पीलीभीत में फंसे दोनों मजदूरों को तत्काल वापस लाया जाए। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे सड़क जाम खत्म नहीं करेंगे।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई 

घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँचा। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम हटाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, ग्रामीणों का आक्रोश इतना ज्यादा है कि स्थिति काफी देर तक तनावपूर्ण बनी रही। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में यूपी पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है।

जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई: एसडीपीओ 

इस पूरे मामले पर बेतिया एसडीपीओ-2 रजनीश कांत प्रियदर्शी ने बताया कि उन्हें मजदूर रमेश मांझी की मौत और हत्या के आरोपों की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन बंधक बनाए गए मजदूरों की रिहाई के लिए भी सक्रिय है।