CHC प्रभारी पर महिला कर्मी ने लगाया 'शारीरिक शोषण' के प्रयास का आरोप, सुनाई खौफनाक आपबीती, अकेले बुलाकर 'गंदी' मांग और छेड़खानी का प्रयास

भागलपुर के इस्माइलपुर CHC में तैनात एक महिला कर्मी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राकेश रंजन पर शारीरिक शोषण के प्रयास और मानसिक प्रताड़ना के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

सीएचसी प्रभारी पर लगाया गंभीर आरोप।- फोटो : gemini

Bhagalpur - भागलपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) इस्माइलपुर में ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन काउंटर पर कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर वर्षा कुमारी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राकेश रंजन पर अत्यंत गंभीर और शर्मनाक आरोप लगाए हैं । सिविल सर्जन को सौंपे गए पत्र में पीड़िता ने बताया कि प्रभारी साहब अक्सर उन्हें अकारण ही अकेले में बुलाते हैं और गलत तरीके से छूने का प्रयास करते हैं । पीड़िता ने यहाँ तक आरोप लगाया कि एक बार सामान देने के बदले उनसे ऐसी 'चीज' की मांग की गई, जिसे पत्र में लिखना भी उनके लिए शर्मिंदगी भरा है ।

13 मार्च की घटना: हाथ पकड़ने की कोशिश और फटे कपड़े 

ताजा शिकायत के अनुसार, 13 मार्च 2026 को जब वर्षा कुमारी कार्यालय में अपनी उपस्थिति (Attendance) बनाने गईं, तो वहां मौजूद प्रभारी डॉ. राकेश रंजन ने उनका हाथ पकड़ने की कोशिश की । खुद को बचाने के लिए जब वह तेजी से वहां से निकलीं, तो एक बोर्ड से टकराकर उन्हें गंभीर चोट आई और उनके कपड़े भी फट गए । पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान डॉक्टर ने उनसे कहा, "अभी भी वक्त है मेरी बात मान लो, नहीं तो एजेंसी को तुम्हें हटाने का आदेश दे दूंगा" ।

वेतन कटौती और नौकरी से निकालने की धमकी 

वर्षा कुमारी ने अपनी शिकायत में बताया कि जब भी उन्होंने डॉक्टर की अनैतिक मांगों का विरोध किया, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा । जनवरी 2026 में 4 दिनों की मौखिक अनुमति लेकर छुट्टी पर जाने के बावजूद उन्हें अनुपस्थित (Absent) दिखा दिया गया, जिससे उनका वेतन कट गया । जब उन्होंने इसका कारण पूछा, तो प्रभारी ने असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि उन्हें उनकी बात माननी ही पड़ेगी, अन्यथा इसी तरह वेतन कटता रहेगा और नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा ।

सामाजिक बदनामी के डर से चुप हैं अन्य महिला कर्मी 

पीड़िता ने अपने पत्र में एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है । उन्होंने लिखा कि अस्पताल में अनुबंध (Contract) पर कार्य करने वाली अन्य महिला कर्मी भी प्रभारी के चरित्र और उनके पद के दुरुपयोग से परेशान हैं और आपस में इसकी शिकायत करती रहती हैं । लेकिन सामाजिक बदनामी और नौकरी जाने के डर के कारण कोई भी उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत देने की हिम्मत नहीं जुटा पाती । वर्षा कुमारी ने बताया कि उन्होंने 28 फरवरी 2026 को भी पहली बार लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं होने से आरोपी का मनोबल और बढ़ गया ।

जांच और न्याय की गुहार 

पीड़िता ने सिविल सर्जन सह सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति भागलपुर से करबद्ध निवेदन किया है कि डॉ. राकेश रंजन के खिलाफ निष्पक्ष जांच की जाए । उन्होंने मांग की है कि उर्मिला इंटरनेशनल सर्विसेज के जिला समन्वयक और इस्माइलपुर केंद्र के अन्य कर्मियों से भी इस संदर्भ में साक्ष्य लिए जाएं, ताकि उन्हें एक सुरक्षित और स्वच्छ कार्य वातावरण मिल सके । फिलहाल इस मामले ने जिले के स्वास्थ्य महकमे में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और लोग आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ।

रिपोर्ट - बाल मुकुंद कुमार