बिहार में मातृ मृत्यु दर में बड़ी गिरावट, मंगल पांडेय ने खोला राज कैसे नीतीश कुमार ने रखी नींव, सम्राट चौधरी सरकार दे रही मजबूती
Bihar News : पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने कहा कि सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार बिहार में मातृ - मृत्यु अनुपात (एमएमआर) में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। जो प्रशंनीय है। यह स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों व पदाधिकारियों की अथक मेहनत का प्रतिफल है। जो इस बात को प्रमाणित करता है कि पूर्व की सरकार की तुलना में एनडीए सरकार ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में अतुलीय योगदान दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने जो विकास की नींव रखी है, उसे मौजूदा एनडीए सरकार मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कायम रखेगी यही मंगल कामना है। जिससे प्रदेश के लोग स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ ले सकेंगे।
उन्होंने कहा कि ताजा आंकड़ा बिहार के लिए गर्व का विषय है और राज्य की सुदृढ़ होती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है। बिहार में मातृ- मृत्यु दर अब प्रति 1 लाख प्रसव पर घटकर 96 हो गई है। जो पहले 104 थी। यह भारी गिरावट विगत वर्षों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधारों, जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और स्वास्थ्यकर्मियों के अथक परिश्रम का परिणाम है।
उन्होंने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना’, ‘जननी बाल सुरक्षा योजना’ के सुदृढ़ीकरण, हर प्रखंड में 24 घंटे प्रसव केंद्र, एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं का क्षमता-वर्धन, और संस्थागत प्रसव को 90 प्रतिशत से ऊपर ले जाने जैसे ठोस कदम उठाए गए थे। आज उसका सुखद परिणाम राज्य की माताओं-बहनों को मिल रहा है। बिहार ने मातृ-मृत्यु दर में जो गिरावट दर्ज की है वो यह दर्शाता है कि जब नीति, नीयत और नेतृत्व एक दिशा में काम करते हैं, तो परिणाम बदलते हैं। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार की स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर हो रही हैं।
पांडेय ने कहा कि ’’एम्बुलेंस सेवा’ का विस्तार, उच्च जोखिम गर्भावस्था की ट्रैकिंग और जिला अस्पतालों में ब्लड बैंक व एसएनसीयू की स्थापना से प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं में भारी कमी आई है। मैं बिहार के सभी डॉक्टरों, नर्सों, एएनएम, आशा दीदियों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को बधाई देता हूं जिनकी मेहनत से यह संभव हुआ। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी सोच की वजह से स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली प्राथमिकता के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं।