Bihar Satellite Township: बिहार में 12 सैटेलाइट टाउनशिप पर बड़ा अपडेट! किसानों की जमीन पर सरकार का क्या प्लान? 6 शहरों में रजिस्ट्री से रोक हटाने की तैयारी

Bihar Satellite Township: बिहार में 12 सैटेलाइट टाउनशिप बसाने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को लेकर जमीन मालिकों और किसानों के बीच बना असमंजस दूर करने की तैयारी शुरू हो गई है।

जमीन मालिकों को राहत देने की कवायद- फोटो : social Media

Bihar Satellite Township: बिहार में 12 सैटेलाइट टाउनशिप बसाने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को लेकर जमीन मालिकों और किसानों के बीच बना असमंजस दूर करने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में 22 अप्रैल 2026 को नए शहरों के विकास का फैसला लिया गया था। शुरुआती चरण में 11 शहरों के पास सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की घोषणा हुई, बाद में डेहरी को भी इसमें शामिल कर लिया गया। हालांकि, करीब छह महीने बीतने के बाद भी अधिकांश परियोजनाओं में जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ है और फिलहाल योजना का बड़ा हिस्सा कागजी प्रक्रिया में है।

जमीन जबरन नहीं लेगी सरकार, पंचायतों तक चलेगा जागरूकता अभियान

नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा के मुताबिक, टाउनशिप योजना को लेकर लोगों के बीच काफी भ्रम है। इसे दूर करने के लिए सरकार पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाएगी। किसानों और जमीन मालिकों को बताया जाएगा कि जमीन किस प्रक्रिया से ली जाएगी और नए शहरों का विकास किस तरह होगा।मंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी की जमीन जबरन नहीं ली जाएगी और किसी को भूमिहीन नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना तैयार करने में अहमदाबाद की एक कंपनी जुटी है। सरकार ने लैंड पूलिंग के तहत देश में सबसे अधिक 55 प्रतिशत हिस्सा देने की बात भी कही है।

पाटलिपुत्र टाउनशिप: 81,730 एकड़ में प्रस्तावित नया शहर

पटना के आसपास प्रस्तावित पाटलिपुत्र टाउनशिप के लिए 81,730 एकड़ क्षेत्र की योजना बनाई गई है। इसका कोर एरिया 3,008 एकड़ का होगा, जिसमें पुनपुन प्रखंड के 19 गांव शामिल हैं। टाउनशिप का ड्राफ्ट सार्वजनिक किया जा चुका है और CRDF के विशेषज्ञ सर्वे कर रहे हैं।

किसानों के विरोध के बाद इस क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटा दी गई है। हालांकि, निर्माण कार्य के लिए संबंधित विभाग से अनुमति और नक्शे को लेकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। किसान जमीन अधिग्रहण के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। सरकार ने अभी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं की है।

मगध टाउनशिप: 22,526 एकड़ में बसेगा नया शहर

गयाजी में प्रस्तावित मगध सैटेलाइट टाउनशिप का प्रारूप-2047 अक्टूबर के पहले सप्ताह में जारी किया गया। यहां 22,526 एकड़ जमीन पर नया शहर बसाने की योजना है। प्रारूप पर आम लोगों को दो महीने के भीतर आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। इस टाउनशिप क्षेत्र में भी जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक हटा ली गई है।मंत्री नीतीश मिश्रा के अनुसार, पाटलिपुत्र और मगध टाउनशिप के ड्राफ्ट पर मिली आपत्तियों का जवाब तैयार किया जा रहा है। इसके लिए टाउन प्लानर भी नियुक्त किए गए हैं।

6 और टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक हटाने की तैयारी

पाटलिपुत्र और मगध टाउनशिप को छोड़कर बाकी 10 टाउनशिप के ड्राफ्ट तैयार किए जा रहे हैं। फिलहाल इन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लागू है। जरूरी काम के लिए जमीन बेचने की अनुमति लेने हेतु पटना स्थित बिहार राज्य आवास बोर्ड मुख्यालय में आवेदन देना पड़ता है।मंत्री ने बताया कि छह और टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटाने की तैयारी है। इसके बाद बाकी क्षेत्रों पर फैसला लिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 से पहले सभी 12 टाउनशिप का ड्राफ्ट जारी करना है।

HUDCO से एक लाख करोड़ का समझौता, लेकिन जमीन पर काम बाकी

टाउनशिप योजना के लिए HUDCO के साथ एक लाख करोड़ रुपये का समझौता और मास्टर प्लान तैयार करने के लिए CRDF के साथ करार किया गया है। इसके बावजूद अधिकांश परियोजनाओं में अभी सर्वे, प्रारूप और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया जारी है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार किसानों की आशंकाएं दूर कर जमीन की उपलब्धता कैसे सुनिश्चित करेगी और प्रस्तावित शहरों का विकास कब शुरू होगा। आने वाले महीनों में टाउनशिप के ड्राफ्ट, जमीन संबंधी नियमों और किसानों के साथ संवाद पर इस महत्वाकांक्षी योजना की दिशा निर्भर करेगी।