Bihar Budget 2026-27: 3.47 लाख करोड़ के बजट से बदलेगा बिहार, जानिए किस सेक्टर पर कितना फोकस
Bihar Budget 2026-27: बिहार बजट 2026-27 में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क, बिजली और रोजगार पर बड़ा जोर दिया गया है। 3.47 लाख करोड़ के बजट की बड़ी बातें जानिए।
Bihar Budget 2026:बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 3,47,589.76 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। यह बजट न सिर्फ आकार में बड़ा है, बल्कि राज्य के विकास की दिशा और प्राथमिकताओं को भी साफ तौर पर दर्शाता है। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि जिस तरह भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, उसी तरह बिहार भी तेज विकास दर वाले राज्यों में अपनी जगह बना रहा है। अनुमान है कि वर्ष 2025-26 में बिहार की आर्थिक विकास दर 14.9 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।
शिक्षा और उच्च शिक्षा पर सबसे बड़ा निवेश
बिहार सरकार ने इस बजट में शिक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी है। शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए 68,216 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही भविष्य के विकसित बिहार की नींव रखेगी। स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक आधारभूत ढांचे, शिक्षकों की उपलब्धता और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर
स्वस्थ बिहार के लक्ष्य के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 21,270 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गांव से लेकर शहर तक लोगों को बेहतर इलाज, आधुनिक अस्पताल और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
ग्रामीण विकास और सड़क संपर्क को गति
ग्रामीण विकास के लिए 23,701 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण और शहरी सड़कों के निर्माण के लिए 18,716 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में 3,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, ताकि दूर-दराज की बसावटों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सके। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत सैकड़ों पुलों का निर्माण विभिन्न चरणों में जारी है।
कृषि प्रधान बिहार के लिए एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन
बिहार की करीब 89 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और राज्य की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार कृषि है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन का गठन किया गया है, जिसके तहत शुरुआती चरण में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने के लिए भी रोडमैप तैयार किया गया है, जिससे किसानों और ग्रामीण रोजगार को सीधा लाभ मिलेगा।
बाढ़ और आपदा राहत पर ठोस कदम
वर्ष 2025 की बाढ़ के दौरान करीब 9.71 लाख प्रभावित परिवारों को 7,000 रुपये प्रति परिवार की दर से कुल 680.17 करोड़ रुपये की सहायता सीधे बैंक खातों में दी गई। इसके अलावा सड़क दुर्घटना, वज्रपात, तूफान और अन्य स्थानीय आपदाओं के लिए जिलों को 159.45 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई गई।
महिला सशक्तिकरण और जीविका मिशन
बिहार सरकार ने न्याय के साथ विकास के सिद्धांत को आगे बढ़ाते हुए महिला सशक्तिकरण पर बड़ा दांव खेला है। अब तक 1 करोड़ 56 लाख से अधिक महिला सदस्यों को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य में कुल 11,45,104 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 1.29 लाख स्वयं सहायता समूहों को 7,052 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक ऋण दिया गया है।
बिजली आपूर्ति और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश
ऊर्जा क्षेत्र के लिए 18,737 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में बिहार में 23 से 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। वर्ष 2025-26 में बिजली की अधिकतम मांग 8,752 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, जबकि 2026-27 में इसके 9,600 मेगावाट से अधिक होने का अनुमान है।
लखपति दीदी और जल-जीवन-हरियाली अभियान
राज्य में अब तक 31.71 लाख जीविका दीदियों को लखपति दीदी घोषित किया जा चुका है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत एक लाख से अधिक तालाबों, पोखरों और जल संरचनाओं के साथ 38,085 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार किया गया है।
शहरी विकास, आवास और आधुनिक सुविधाएं
शहरी क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 4,18,394 आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 1,75,249 परिवारों को पक्का मकान मिल चुका है। पटना, राजगीर और वैशाली में पीपीपी मॉडल पर पांच-सितारा होटलों के निर्माण की प्रक्रिया भी जारी है।
छात्रवृत्ति, पत्रकार कल्याण और सामाजिक न्याय
विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 53.52 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है। वहीं बिहार राज्य पत्रकार बीमा योजना के अंतर्गत 664 पत्रकारों को बीमा सुरक्षा दी गई है और वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन का लाभ भी मिल रहा है। अनुसूचित जाति के लिए 19,603 करोड़ और अनुसूचित जनजाति के लिए 1,648 करोड़ रुपये का अलग प्रावधान किया गया है।
रोजगार सृजन और डिजिटल भूमि सुधार
अप्रैल 2025 से अब तक राज्य में 44,088 सरकारी नौकरियों का सृजन किया गया है। भूमि विवादों के समाधान के लिए जमीन के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है और सटीक भूमि मानचित्रण के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई जा रही है।
हरित परिवहन और भविष्य की तैयारी
बिहार में ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को शामिल किया जा रहा है। 500 से अधिक ग्रीन बस स्टॉप और 2,000 चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना है।
Bihar Budget 2026-27 का बड़ा संदेश
कुल मिलाकर बिहार बजट 2026-27 विकास, सामाजिक न्याय और रोजगार को संतुलित करने की कोशिश है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश यह संकेत देता है कि राज्य सरकार बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रही है।