Bihar Cabinet Wealth:बिहार कैबिनेट में करोड़पतियों का जलवा, CM सम्राट से भी ज्यादा दौलतमंद निकले कई मंत्री, 35 में 32 मंत्री करोड़पति
Bihar Cabinet Wealth: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नई कैबिनेट में शामिल 35 मंत्रियों में से 32 मंत्री करोड़पति निकले हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि करीब 10 मंत्री ऐसे हैं जिनकी संपत्ति खुद मुख्यमंत्री से भी ज्यादा बताई जा रही है।...
Bihar Cabinet Wealth: बिहार की नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब नेताओं की दौलत और रसूख को लेकर सियासी गलियारों में जबरदस्त चर्चा छिड़ गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नई कैबिनेट में शामिल 35 मंत्रियों में से 32 मंत्री करोड़पति निकले हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि करीब 10 मंत्री ऐसे हैं जिनकी संपत्ति खुद मुख्यमंत्री से भी ज्यादा बताई जा रही है। सत्ता के इस नए समीकरण ने राजनीति और पैसे के रिश्ते पर नई बहस छेड़ दी है।
कैबिनेट में सबसे अमीर मंत्री के तौर पर रमा निषाद का नाम सामने आया है। उनकी कुल संपत्ति करीब 31.85 करोड़ रुपए बताई गई है। वहीं दूसरे नंबर पर समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता हैं, जिनके पास लगभग 29 करोड़ रुपए की दौलत है। पेशे से डॉक्टर श्वेता गुप्ता पहली बार विधायक बनी हैं और पहली ही पारी में मंत्री पद हासिल कर राजनीतिक हलकों में खास पहचान बना ली है। उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वह करीब 47 लाख रुपए की BMW कार से चलती हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कुल संपत्ति लगभग 6.38 करोड़ रुपए बताई गई है। हालांकि उनकी कैबिनेट में कई मंत्री उनसे कई गुना ज्यादा अमीर हैं। सम्राट चौधरी के पास 4 लाख रुपए की राइफल और 2 लाख रुपए की रिवॉल्वर भी दर्ज है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है।
इस सूची में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अशोक चौधरी तीसरे सबसे अमीर मंत्री बताए जा रहे हैं। उनकी कुल संपत्ति करीब 22.39 करोड़ रुपए है। इसके अलावा विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल और बुलो मंडल जैसे कई नेताओं की संपत्ति भी करोड़ों में दर्ज की गई है।
दिलचस्प पहलू यह भी है कि महिला मंत्रियों की औसत संपत्ति पुरुष मंत्रियों के मुकाबले करीब पांच गुना ज्यादा बताई जा रही है। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। दूसरी तरफ कुछ मंत्री ऐसे भी हैं जिनकी आर्थिक स्थिति अपेक्षाकृत साधारण है। एलजेपी (रामविलास) के संजय कुमार को कैबिनेट का सबसे गरीब मंत्री बताया जा रहा है। उनकी कुल संपत्ति करीब 23 लाख रुपए है।
अगर पूरे मंत्रिमंडल की कुल संपत्ति जोड़ी जाए तो आंकड़ा लगभग 220 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार की राजनीति में अब आर्थिक ताकत रखने वाले नेताओं का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। नई कैबिनेट के ये आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में सत्ता और संपत्ति का रिश्ता और गहरा होने वाला है।