Bihar Police News: महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी और जवानों को मिलेगी बाइक, कैबिनेट ने मंजूर किए 66 करोड़

राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस महकमे को बड़ी सौगात दी है। कैबिनेट की बैठक में पुलिसकर्मियों की गतिशीलता बढ़ाने के लिए 66.75 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी गई है।

बिहार सरकार ने राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस महकमे को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट की बैठक में पुलिसकर्मियों की गतिशीलता बढ़ाने के लिए 66.75 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी गई है। इस राशि का उपयोग पुलिस बेड़े के लिए नए वाहनों की खरीद में किया जाएगा, जिससे अपराधियों पर लगाम कसने और गश्त तेज करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, पटना के राजीव नगर में आधुनिक पुलिस डाटा सेंटर और ERSS भवन के लिए 172.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, ऊंची इमारतों में आग बुझाने के लिए 18 करोड़ की लागत से 62 मीटर ऊंची हाइड्रोलिक लैडर मशीन भी खरीदी जाएगी। 


महिला पुलिसकर्मियों को मिलेगी स्कूटी, गश्त में आएगी तेजी

महिला सशक्तिकरण और उनकी कार्यक्षमता को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने 1500 महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। स्कूटी मिलने से महिला पुलिस पदाधिकारी और कर्मी संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आसानी से पहुँच सकेंगी। यह कदम विशेष रूप से महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निवारण और फील्ड ड्यूटी के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।


3200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल, अपराधियों पर नकेल

क्षेत्रीय पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए सरकार ने 3200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल देने का भी फैसला किया है। इसके लिए आवंटित राशि से आधुनिक और टिकाऊ दोपहिया वाहनों की खरीद की जाएगी। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि मोटरसाइकिल की उपलब्धता से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में त्वरित रिस्पांस टाइम (Response Time) में सुधार होगा, जिससे किसी भी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस जल्द से जल्द मौके पर पहुँच सकेगी।


अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग व्यवस्था में सुधार की उम्मीद

66.75 करोड़ रुपये के इस निवेश से बिहार पुलिस की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी। जानकारों का कहना है कि पुलिस के पास आधुनिक वाहनों की उपलब्धता होने से न केवल गश्ती (Patrolling) बढ़ेगी, बल्कि जाँच प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। सरकार का लक्ष्य है कि पुलिस बल को संसाधनों से इतना संपन्न बनाया जाए कि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में बिना किसी देरी के कार्रवाई कर सकें।