बिहार में विभागों का बँटवारा जल्द: बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी, बदलेंगे कई जिलों के DM और SP

बिहार में मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद सम्राट सरकार अब विभागों की जिम्मेदारी सौंपने के लिए तैयार है। इसके तुरंत बाद राज्य में आधा दर्जन IPS और कई जिलों के DM के तबादले होने वाले हैं।

बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी- फोटो : news 4 nation

पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह के बाद अब बिहार की 'सम्राट सरकार' में विभागों के बंटवारे की तैयारी पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाले इस नए मंत्रिमंडल में कुल 35 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिनमें बीजेपी, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और आरएलएम के प्रतिनिधि शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, विभागों के आवंटन की आधिकारिक अधिसूचना आज रात या कल सुबह तक जारी की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने विकास की गति को तेज करने के लिए अनुभवी और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।


विभागों के आवंटन में बड़े बदलाव के संकेत

मंत्रिमंडल में विभागों के वितरण को लेकर सियासी गलियारों में काफी चर्चा है। इस बार कई महत्वपूर्ण विभागों के स्वरूप में बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं गृह विभाग और सामान्य प्रशासन जैसे अहम विभागों की कमान संभाल सकते हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त और ग्रामीण विकास जैसे बड़े पोर्टफोलियो मिलने की उम्मीद है। मंत्रियों की इस नई टीम पर आगामी चुनावों से पहले राज्य में बुनियादी ढांचे और जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।


प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट: बदलेंगे कई जिलों के कप्तान

मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपे जाने के तुरंत बाद बिहार में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक सर्जरी होने की संभावना है। शासन के शीर्ष सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार आधा दर्जन से अधिक आईपीएस (IPS) अधिकारियों और कई जिलों के जिलाधिकारियों (DM) के तबादले की सूची तैयार कर चुकी है। इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य जिलों में कानून-व्यवस्था को और अधिक दुरुस्त करना और सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाना है। माना जा रहा है कि विभागों के नोटिफिकेशन के 24 से 48 घंटों के भीतर इन अधिकारियों को नई पोस्टिंग मिल जाएगी।


गुड गवर्नेंस और विकास पर सरकार का जोर

सम्राट चौधरी सरकार का यह कदम राज्य में 'गुड गवर्नेंस' के संकल्प को दोहराता है। नए मंत्रियों के आने और फील्ड अधिकारियों के बदलाव से प्रशासन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि मानसून सत्र से पहले सभी विभाग पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू कर दें। पटना से लेकर जिलों तक, इस प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसी टीम के कंधों पर बिहार के विकास के अगले रोडमैप को लागू करने का भार होगा।