'कांग्रेस को बिहार में गिरवी नहीं होने देंगे': पटना में 17 मार्च को जुटेगा बागियों का हुजूम, सदाकत आश्रम के खिलाफ आर-पार की जंग

बिहार कांग्रेस के वजूद को बचाने के लिए पार्टी के समर्पित नेताओं ने नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 17 मार्च को पटना में 'बिहार कांग्रेस बचाओ महासम्मेलन' का आयोजन होगा, जिसका उद्देश्य संगठन को "दलालों और एजेंटों" से मुक्त कराना है।

Patna - बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और समर्पित कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए गुरुवार को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। एआईसीसी सदस्य आनन्द माधव ने घोषणा की कि आगामी 17 मार्च को पटना में "बिहार कांग्रेस बचाओ महासम्मेलन" आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए पहले पार्टी मुख्यालय 'सदाकत आश्रम' में जगह मांगी गई थी, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिलने के बाद अब यह सम्मेलन पश्चिमी बोरिंग कैनाल रोड स्थित लक्ष्मी नारायण उत्सव हॉल में होगा।

"भ्रष्टाचार और दलालों के कब्जे में है संगठन"

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आनन्द माधव ने तीखे शब्दों में कहा कि बिहार कांग्रेस इस समय भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और अराजकता के दौर से गुजर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में सक्रिय कुछ एजेंटों और दलालों के कारण संगठन का जनाधार लगातार गिर रहा है। माधव ने स्पष्ट कहा, "हम कांग्रेस को बिहार में गिरवी नहीं होने देंगे। सदाकत आश्रम को इन दलालों से मुक्त कराना हमारी प्राथमिकता है।" उनके अनुसार, यह सम्मेलन कोई शौक नहीं बल्कि पार्टी को बचाने की मजबूरी है।

पूरे बिहार का दौरा और जमीनी कार्यकर्ताओं का समर्थन

इस महासम्मेलन की सफलता के लिए पूर्व विधायक छत्रपति यादव, नागेंद्र पासवान विकल और राजकुमार राजन ने पूरे बिहार का दौरा कर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया है। नागेंद्र पासवान विकल ने दावा किया कि जिलों के पदाधिकारियों और एआईसीसी प्रतिनिधियों का उन्हें अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। नेताओं ने याद दिलाया कि एक समय जब कांग्रेस के केवल 4 विधायक थे, तब भी संगठन का मनोबल इतना नहीं गिरा था जितना आज के "एजेंट राज" में गिर चुका है।

लक्ष्य: 2029 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना

पूर्व विधायक छत्रपति यादव ने इस विद्रोह को सकारात्मक दिशा देते हुए कहा कि महासम्मेलन का अंतिम लक्ष्य संगठन को मजबूत कर 2029 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता बिहार से होकर ही जाता है, और जब तक बिहार में कांग्रेस मजबूत और दलाल मुक्त नहीं होगी, राहुल गांधी का सपना पूरा होना कठिन है। प्रेस वार्ता के दौरान वरीय नेता वसी अख्तर, रवि गोल्डन कुमार और राहुल मिश्रा भी मौजूद रहे।

Report - Ranjan kumar